Patna: बिहार सरकार अब भ्रष्टाचार के खिलाफ और आक्रामक रुख अपनाएगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि राज्य में ‘Triple T’ यानी Transparency, Technology and Trust के फॉर्मूले से भ्रष्टाचार मुक्त बिहार बनेगा और सुशासन को नई मजबूती मिलेगी. बिहार सतर्कता जागरूकता दिवस एवं सप्ताह का शुभारंभ करते हुए बुधवार को पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के नए लोगो का अनावरण भी किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए 6 बड़े फैसलों की घोषणा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि “न्याय के साथ विकास तभी संभव है जब सरकार की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी गड़बड़ी के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. शॉर्टकट की संस्कृति छोड़कर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा अपनानी होगी. “उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत के विजन और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समृद्ध बिहार के काम को आगे बढ़ाने की बात भी कही. अंत में मुख्यमंत्री ने कहा – “आप सभी बिहार को आगे बढ़ाने तथा समृद्ध बिहार बनाने में अपना योगदान दीजिए. “कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री के 6 बड़े ऐलान
9 प्रमंडलों में स्पेशल कोर्ट: बिहार के सभी 9 प्रमंडलों में विशेष निगरानी न्यायालय यानी स्पेशल विजिलेंस कोर्ट की स्थापना की जाएगी. ताकि भ्रष्टाचार के मामलों का त्वरित निस्तारण हो और दोषियों को जल्द सजा मिल सके.
गवाहों को मिलेगा भत्ता: अपराध और आर्थिक अपराध से जुड़े मामलों में अगर सरकारी गवाहों को गवाही देने कहीं जाना पड़े, तो उन्हें परिवहन भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
हर जिले में निगरानी थाना: बिहार के प्रत्येक जिले में निगरानी थाना और सभी अनुमंडलों में निगरानी ओपी स्थापित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.
जब्त संपत्ति पर स्कूल: भ्रष्टाचारियों को चिन्हित कर सरकार उनकी जब्त की गई संपत्ति/परिसरों में विद्यालय संचालित करेगी. यानी भ्रष्टाचार की कमाई से अब बच्चों का भविष्य बनेगा.
सख्त कार्रवाई: भ्रष्टाचार में लिप्त मंत्रियों, विधायकों और शीर्ष से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. किसी को बख्शा नहीं जाएगा.
ईमानदारी की सीख: स्कूलों में बच्चों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा देने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.
