Patna: शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ मामले में पुलिस के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है. मृतक की मां द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर शाहपुर थाना में कई पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. , शाहपुर थाना क्षेत्र में घटित पुलिस मुठभेड़ से संबंधित घटना के संदर्भ में मृतक की मां ने आवेदन दिया था. मृतक भरत तिवारी की मां के आवेदन के आधार पर शाहपुर थाने में एनकाउंटर में शामिल पुलिस कर्मियों को आरोपी बनाया गया है. आवेदन में भरत तिवारी की मां ने जगदीशपुर के SDPO, शाहपुर के तत्कालीन थाना अध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद आरोपी बनाया है.
17 जून को हुआ था भरत तिवारी का एनकाउंटर
17 जून 2026 को पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी को गोली लगी थी. इसके बाद इलाज के दौरान पटना के पीएमसीएच में उनकी मौत हो गई थी. भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्वीकार किया है कि कार्रवाई के दौरान पुलिस स्तर पर गंभीर चूक हुई थी. एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) सुधांशु कुमार ने 22 जून को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 16 जून को पुलिस टीम जब आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी, तब उसे उचित तरीके से हैंडल नहीं किया गया. इस लापरवाही के लिए संबंधित थानेदार, दो दारोगा, एक एएसआई और एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है. साथ ही पूरे प्रकरण की निगरानी और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी को सौंपी गई है.
एडीजी ने बताया कि एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है. आयोग पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करेगा तथा अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. उन्होंने कहा कि चूंकि मामला अब न्यायिक आयोग के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए पुलिस मुख्यालय इस संबंध में विस्तृत टिप्पणी करने से बच रहा है.
