Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को संकल्प सभागार, लोक सेवक आवास, पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से खातीपुरा (जयपुर)- दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. मुख्य कार्यक्रम खातीपुरा (जयपुर) में आयोजित हुआ, जहां राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा तथा केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री एवं इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई.
मुख्यमंत्री ने कहा दिल्ली और पटना के बीच बुलेट ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है, जिससे पटना से दिल्ली पहुंचने में लगभग सवा चार घंटे लगेंगे. यह ट्रेन सिलीगुड़ी तक जाएगी. वर्ष 2016 से मढ़ौरा में अब तक 835 से अधिक रेलवे इंजन निर्मित हुए हैं, जो बिहार की तकनीकी दक्षता और कुशल मानव संसाधन का प्रमाण हैं. इससे बिहार को 1000 करोड़ रुपये GST के रूप में प्राप्त हुआ है. खाटू श्याम स्टेशन: खाटू श्याम जी की धरती पर नया रेलवे स्टेशन बनाने का निर्णय केंद्रीय रेल मंत्री ने लिया है.
मिथिला-राजस्थान के बीच नया सेतु
मुख्यमंत्री ने कहा कि खातीपुरा (जयपुर)- दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस केवल एक नई रेल सेवा नहीं है, बल्कि मिथिला और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण सेतु है. उन्होंने कहा, “बिहार की पावन धरती मिथिला का क्षेत्र दरभंगा एवं राजस्थान के जयपुर के बीच रेल कनेक्टिविटी से संपर्क और मजबूत होगा. मिथिला का मखाना और राजस्थान का घेवर का मिलन होगा.”
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रेलवे का कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली. इसी तरह भारतीय रेलवे ने भी अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है – अवसंरचना विस्तार, नई रेल लाइनें, दोहरीकरण, विद्युतीकरण, आधुनिक स्टेशनों का विकास और यात्री सुविधाओं में सुधार से देशभर में संपर्क और विकास को गति मिली है. बिहार इस परिवर्तन का प्रमुख लाभार्थी बना है. उन्होंने बताया कि राज्य के 38 में से 36 जिले रेल कनेक्टिविटी से जुड़ चुके हैं. शेष 2 जिलों का काम तेजी से चल रहा है. केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष रेल बजट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये बिहार को देती है. आज बिहार में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रेल योजनाएं चल रही हैं. प्रधानमंत्री ने कहा है कि वर्ष 2029 से पहले सभी रेलवे स्टेशनों को पुनर्स्थापित किया जाएगा.
