Patna: बिहार सरकार राजधानी पटना के गंगा तट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने जा रही है. योजना एवं विकास विभाग ने जेपी गंगा पथ समग्र उद्यान परियोजना को बिहार के शहरी विकास, पर्यटन संवर्धन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की ऐतिहासिक पहल बताया है. यह 26 किलोमीटर लंबा ग्रीन-रिवरफ्रंट कॉरिडोर गंगा और पाटलिपुत्र की विरासत को आधुनिक स्वरूप देगा. विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल बिहार को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई ऊंचाई देगी. उन्होने कहा कि जेपी गंगा पथ सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बिहार के भविष्य की परिकल्पना है. गंगा की धारा, पाटलिपुत्र की विरासत, हरित परिदृश्य और सांस्कृतिक चेतना का संगम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी धरोहर बनेगा और बिहार की नई विकासगाथा का प्रतीक होगा.

प्रोजेक्ट की खासियत 

26 KM ग्रीन कॉरिडोर: प्रथम चरण में 6 KM लंबे ग्रीन-पार्क कॉरिडोर का विकास. द्वितीय चरण में विस्तार कर इसे पटना सिटी तक 26 KM तक ले जाया जाएगा. इससे गंगा तट पर सतत और एकीकृत हरित-पर्यटन गलियारा बनेगा.

पाटलिपुत्र थीम: पूरी परियोजना की पहचान गंगा और पाटलिपुत्र की ऐतिहासिक विरासत पर आधारित होगी. गंगा पथ किनारे 50 थीम आधारित दुकानों के लिए ‘गंगा-पाटलिपुत्र आइकॉन’ पर राज्यस्तरीय डिजाइन प्रतियोगिता होगी. प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार क्रमशः 51,000, 21,000, 11,000.

हरित विकास: पीपल, बरगद, पाकड़ जैसे भारतीय मूल के वृक्षों को प्राथमिकता. अमलतास, गुलमोहर, सेमल के पुष्पीय उद्यान बनेंगे. गंगा की ओर उन्मुख बैठने की व्यवस्था होगी ताकि लोग नदी का नजारा ले सकें.

प्रमुख आकर्षण: स्वतंत्रता सेनानी पार्क, बॉटनिकल गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन, वाटर मेट्रो जेट्टी, पर्यटन घाट, गंगा चैनल, पटना हाट, वेस्ट-टू-वंडर पार्क जैसी सुविधाएं होंगी. स्वतंत्रता सेनानी पार्क में बिहार के महानायकों के योगदान को आधुनिक रूप में दिखाया जाएगा.

इंफ्रास्ट्रक्चर और टाइमलाइन

विकास आयुक्त ने पार्किंग, प्रवेश-निकास मार्ग, अंडरपास और दुकानों की समन्वित योजना बनाने का निर्देश दिया है. परियोजना को समझाने के लिए ड्रोन इमेजरी और रेंडर्ड विजुअल्स भी तैयार होंगे. पर्यटन विभाग वाटर मेट्रो जेट्टी और घाट बनाएगा. जल संसाधन विभाग गंगा चैनल विकसित करेगा. शहरी विकास विभाग पटना हाट और वेस्ट-टू-वंडर पार्क बनाएगा. BUDCO 25 MLD से 100 MLD तक उपचारित जल प्रबंधन सिस्टम सुदृढ़ करेगा. पर्यावरण विभाग हरित क्षेत्र और गार्डन देखेगा. BSRDCL पूरे प्रोजेक्ट का समन्वय करेगा. पर्यटन विभाग ने बताया कि बिजली के काम को छोड़कर बाकी काम तय समय पर चल रहे हैं. विकास आयुक्त ने 31 अगस्त तक प्रथम चरण के निर्धारित काम पूरे करने का लक्ष्य दिया है.

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