Patna: सूटकेस में मिले चार सिरकटी लाश के मिस्ट्री को कैमुर पुलिस ने सुलझा लिया है. वही एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है. मृतक के सगे दो भाई ने ही वारदात को अंजाम दिया था. इसके लिए महाराष्ट्र से दोस्त को भी बुलाया गया था. गिरफ्तार आरोपी विकास कुमार गुप्ता कैमुर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के डरहक का रहने वाला है. आरोपी के निशानदेही पर एक कट्टा, तीन गोली, घटना में प्रयुक्त एक चाकू, स्कुटी, लोहे का फाईटर, मोबाईल और दो मृतक के सर (कपाल) पुलिस ने बरामद किया है.

मामले की जानकारी देते हुए कैमुर एसपी ने बताया कि 10 मई को मोहनिया- रामगढ़ मार्ग पर दुर्गावती नदी के उपर बने पुल के नीचे से 2 सुटकेश से टुकड़े टुकड़े भागों में कटे मानव के अंग बरामद हुआ. बरामद शव को देखने से प्रतीत हुआ कि यह 03-04 व्यक्तियों का शव है. घटनास्थल पर एफएसएल, डॉग स्कावयड तथा तकनीकी टीम को बुलाकर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया. बरामद शव के संबंध में रामगढ़ थाना (कांड सं0-126/26) में मामला दर्ज किया गया. अनुसंधान के कम में यह बात प्रकाश में आयी कि रामगढ़ थाना इसके आसपास के थानों तथा सीमावर्ती जिलों में कहीं से भी इतने लोगों की गुमशुदगी से संबंधित शिकायत दर्ज नही हुई है. इसी क्रम में 12 मई को रामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अभयदेय के बधार से नहर किनारे से दो बोरे में शव के 04 टुकड़े बरामद हुआ, जिसे देखने से प्रथम दृष्टया 10 मई को बरामद शवों के शेप अंग प्रतीत हो रहा था. मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक एसआईटी का गठन किया गया. अनुसंधान के क्रम में आस पास के सभी विद्यालयों से अनुपस्थित बच्चों का विवरण प्राप्त किया गया. आस-पास के सभी गांवो में वैसे घरों की तलाश शुरू की गयी, जिनके लोग अनुपस्थित थे. इसी क्रम में एसआईटी टीम मानवीय सूचना के आधार पर रामगढ़ थाना क्षेत्र के ही ग्राम डरहक में एक परिवार चिन्हित किया. जिनके घर के लोग गायब थे. चिन्हित घर के लोगो की खोजबीन की गयी तो घर के स्वामी कृष्ण मुरारी गुप्ता, इनकी पत्नी एवं दोनो बच्चों का कोई ट्रैस नही मिला. अनुसंधान से कृष्ण मुरारी के भाई विकास गुप्ता की गतिविधि संदिग्ध पायी गयी. विकास गुप्ता को पुलिस हिरासत में लेकर पुछताछ की गयी तो घटना में अपनी, महाराष्ट्र के कनड़ निवासी अपने मित्र दीपक कुमार राजपूत और अपने छोटा भाई राहुल उर्फ गौतम तथा अन्य के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार किया और बताया कि अपने भाई कृष्ण मुरारी गुप्ता, भाई की पत्नी दुर्गेश कुमारी एवं उनके दोनों बच्चों की हत्या कर शव को टुकड़े-टुकड़े हिस्सों में कर अपराध छुपाने के उद्देश्य से सूटकेश एंव बोरे में भरकर अलग अलग स्थान पर स्कुटी से फेक दिया. विकास गुप्ता के निशानदेही पर दो मृतकों के सिर को बरामद कर लिया गया है. घटना में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है. विकास गुप्ता के निशानदेही पर घर से 01 कट्टा, 3 गोली, प्रयुक्त चाकू, स्कुटी, लोहे का फाईटर वगैरह बरामद किया गया है. जहां पर हत्या की गयी है उस स्थान पर खुन का चिन्ह पाया गया है.

मृतक का भाइयों से होते रहता था विवाद

ग्रामीणों के अनुसार कृष्ण मुरारी गुप्ता चार भाइयों में सबसे बड़ा था. उसका भाइयों से अक्सर विवाद होते रहता था. बताया जाता है कि वह अपने भाइयों की शादी तक नहीं होने देना चाहता था. परिवार और मोहल्ले के लोग भी उसके आचरण से परेशान और भयभीत रहते थे. कृष्ण मुरारी गुप्ता वर्ष 2020 में उसने अपने साले सूरज गुप्ता के हत्या मामले में जेल गया था.

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