Patna: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद’ में इको टूरिज्म से संबंधित समीक्षा बैठक की. बैठक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संसाधन विभाग, पर्यटन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने इको टूरिज्म के विकास को लेकर अपने-अपने विभाग की कार्य योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में इको टूरिज्म की काफी संभावनायें हैं. इसके विकास को लेकर समग्र योजना तैयार करें. सभी संबंधित विभाग इस पर तेजी से काम करें. बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों को इको टूरिज्म से जोड़ें. उन्होंने कहा कि बिहार को देश-विदेश के पर्यटकों के लिये आकर्षण का केन्द्र बनाने तथा अध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं इको टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिये सरकार पूरी तरह प्रयासरत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के जो भी जलाशय हैं उसके आसपास पीपीपी मॉडल मैं पर्यटकीय सुविधाएं विकसित करें. इस संबंध में लोगों से बात कर उनका भी सुझाव लें. पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुये तथा उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटन पैकेज जल्द तैयार करें ताकि पर्यटक उसका आनंद उठा सकें. साथ ही मंत्री, विधायक, पदाधिकारियों और कर्मियों के लिये दो दिन का पर्यटन पैकेज तैयार करें ताकि वे बिहार के महत्वपूर्ण पर्यटकीय स्थलों पर जाकर ठहर सकें और उसका आनंद उठा सकें. उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हमलोगों को खुद पर्यटकीय स्थलों पर जाकर वहां समय बिताना चाहिए जिससे आम लोगों को भी वहां की पर्यटकीय सुविधाओं और विशेषताओं की जानकारी मिल सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के जो भी तालाब हैं उसके चारों तरफ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग पौधारोपण कराए और पर्यटकीय सुविधा विकसित करें. इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा. राज्य का हरित आवरण क्षेत्र बढ़ेगा साथ ही जल संरक्षण में भी सहूलियत होगी. उन्होंने कहा कि सभी चौर एरिया के वेटलैंड क्षेत्र को सिस्टमैटिक कर उसके आसपास पौधारोपण कराएं. जल संसाधन विभाग के जो भी डैम हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर इको टूरिज्म की संरचनायें विकसित करें. राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीपौट का निर्माण कराएं ताकि पर्यटक वहां की खूबसूरत वादियों का आनंद उठा सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के जैन सर्किट को भी विकसित करने के लिए योजना बनाएं, इसके लिए जैन समाज के लोगों से बात करें और उनका सहयोग लें. उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकीय सुविधाओं को विकसित करने के लिए कई कार्य किए गए हैं. कई धरोहरों को संरक्षित किया गया है. सरकार जनकल्याण कार्य में लगी है साथ ही राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं.

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