Patna: पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को अरण्य भवन में ‘एकल उपयोग प्लास्टिक के प्रबंधन’ पर एक बैठक का आयोजन किया गया. विभाग के मंत्री डॉ प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मंत्री ने पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य के हित में राज्य में चिन्हित उत्पादों पर लगाए गए प्रतिबंध का सख्ती से पालन करने के निदेश दिए. उन्होंने एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के उपयोग करने की अपील की. उन्होंने आमजनों के बीच इस विषय पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू करने एवं इस अभियान में जन-सहभागिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि आज राज्य के शहरों के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्लास्टिक के उपयोग में वृद्धि हुई है, इस लिए इन क्षेत्रों में भी जन-जागरूकता के साथ प्लास्टिक अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता है.
सड़क निर्माण में प्लास्टिक अपशिष्ट के उपयोग और बेहतर प्रबंधन पर जोर
विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि प्लास्टिक अपशिष्टों का उपयोग सड़क निर्माण में प्रायोगिक तौर पर किया गया है, जिसका आकलन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, उद्योग विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाने तथा वैकल्पिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता है.
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद् के अध्यक्ष डॉ डी. के. शुक्ला ने कहा कि पर्यावरण, मानव स्वास्थ्य एवं सभी जीव-जन्तुओ के हित में प्लास्टिक अपशिष्टों का समुचित प्रबंधन बहुत जरूरी है. उन्होंने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के प्रावधानों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि राज्य में किसी भी मुटाई और आकार के प्लास्टिक कैरी बैग का विनिर्माण, क्रय-विक्रय एवं उपयोग प्रतिबंधित है.
पर्षद् के सदस्य-सचिव नीरज नारायण, ने पीपीटी के माध्यम से प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक से संबंधित नियमावली एवं राज्य में इस दिशा में उठाए गए उत्कृष्ट पहल से अवगत कराया. बिहार विधान परिषद् के सदस्य सर्वेश कुमार ने एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के उत्पादनकर्त्ताओं को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
बिहार विधान सभा के सदस्य नचिकेता ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित नियमों के प्रभावी प्रवर्तन के लिए सुझाव दिया. छोटी कुमारी ने जन-सामान्य के बीच एकल उपयोग प्लास्टिक के वैक्लिपक उत्पादो जैसे कागज का थैला आदि को कम कीमत पर बाजार में सुलभता से उपलब्ध कराने का सुझाव दिया.
बिहार विधान परिषद् के सदस्य समीर कुमार सिंह ने भी प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक के संबंध में व्यापक जन-भागीदारी की आवश्यकता बताई.
कार्यक्रम में नगर आयुक्त, पटना नगर निगम, यशपाल मीणा, संबंधित विभाग के पदाधिकारीगण एवं एकल उपयोग प्लास्टिक के वैकल्पिक उत्पादों के विनिर्माणर्त्ता, पुनःचक्रणकर्त्ता, प्रसंस्करणकर्त्ताओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे.
