Ranchi: झारखं के विवादित नेता में गिने जाने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी से तीन वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया गया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया है. अनुशासन समिति के अध्यक्ष पूर्व मंत्री डा.रामेश्वर उरांव ने पत्र लिखकर इसकी जानकारी योगेंद्र साव को दे दी है. जारी पत्र के अनुसार झारखंड प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के संज्ञान में है कि आप लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से वर्तमान गठबंधन सरकार एवं उसके मुखिया मुख्यमंत्री के विरूद्ध आपत्तिजनक पोस्ट करते रहते हैं. कल भी आपने फेसबुक लाइव वीडियो के माध्यम से सरकार के विरूद्ध आपत्तिजनक बयान दिया है. वर्तमान गठबंधन की सरकार में कांग्रेस पार्टी सम्मिलित है. आपके इस कृत्य से जहां एक ओर गठबंधन में असहजता उत्पन्न हुई है वहीं कांग्रेस पार्टी की छवि भी धूमिल हुई है. प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के निर्णय के आलोक में आपको कांग्रेस की सदस्यता से 03 वर्षों के लिए निष्कासित किया जाता है.
बुलडोजर से घर तोड़े जाने पर पूर्व मंत्री ने सरकार पर साधा निशाना
बीते गुरुवार को हजारीबाग जिले के जोरदाग झुमरी टांड़ में स्थित पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव के घर को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया. बताया जा रहा है कि चट्टी बरियातू कोल माइंस परियोजना क्षेत्र के सामने स्थित मकान जिस जमीन पर बना था, वह पहले से खनन कार्य के लिए कंपनी को आवंटित की जा चुकी थी. एनटीपीसी की टीम पुलिस और सुरक्षा बलों के साथ मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर बुलडोजर से घर को ध्वस्त किया. कुछ दिन पहले ही योगेंद्र साव ने कंपनी और उसके कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे और कथित रूप से उनके खिलाफ आक्रामक रवैया भी अपनाया था. इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. योगेंद्र साव ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए हेमंत सोरेन पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है और सरकार उनकी हितैषी नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता सरकार की नीतियों को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी.
