Patna: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित राज्य के 91 डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र-2026–27 के लिए कक्षा 01 एवं कक्षा 06 में नामांकन को लेकर अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के बीच अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला. विभाग द्वारा दिनांक 05 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 तक नामांकन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे. नामांकन प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल एवं सभी वर्गों की पहुंच में सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आवेदन की सुविधा ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराई गई. अभिभावकों द्वारा विभागीय वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/scstwelfare के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किए गए, जबकि ऑफलाइन आवेदन के लिए सभी जिलों में जिला कल्याण कार्यालयों में नामांकन कोषांग का गठन किया गया था, जहां प्राप्त आवेदनों को विभाग द्वारा पुनः ऑनलाइन दर्ज किया गया.
6 फरवरी तक प्राप्त अद्यतन आंकड़ों के अनुसार कुल 2895 रिक्त सीटों के आलोक में 1,42,357 निबंधन किए गए हैं, जिनमें से 1,03,195 आवेदन अंतिम रूप से विभाग को प्राप्त हुए हैं. कक्षा 01 में 2627 रिक्त सीटों के विरुद्ध 59,453 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि कक्षा 06 में 268 रिक्त सीटों के विरुद्ध 43,742 आवेदन दर्ज किए गए हैं. यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय समाज के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक भरोसेमंद केंद्र बनकर उभरे हैं.
नामांकन प्रक्रिया के अंतर्गत प्रवेश पत्र 15 फरवरी से 20 फरवरी 2026 के बीच जारी किए जाएंगे. कक्षा 01 में नामांकन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जबकि कक्षा 06 में नामांकन के लिए 22 फरवरी 2026 को राज्यस्तरीय लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. परीक्षा परिणाम का प्रकाशन 10 मार्च 2026 को किया जाएगा तथा चयनित छात्र-छात्राओं का नामांकन 11 मार्च 2026 से प्रारंभ होगा. डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को राज्य सरकार द्वारा पूर्णतः निःशुल्क एवं सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण, स्मार्ट एवं डिजिटल कक्षाएं, उन्नत पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, करियर ओरिएंटेशन सत्र, खेलकूद की समुचित व्यवस्था, निर्धारित मेनू के अनुरूप पौष्टिक भोजन तथा आरओ के माध्यम से शुद्ध पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है. छात्र-छात्राओं की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए निर्धारित डीबीटी राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है.
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग का यह सतत प्रयास अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के बच्चों को समान अवसर, सुरक्षित परिवेश एवं उज्ज्वल भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त पहल है.
