Ranchi: खूंटी के मडगांव के ग्रामीणों ने गांव को अफीम मुक्त कर खेती का निर्णय लिया. लेकिन गांव में पानी की समस्या बाधक बन रही थी. खूंटी एसपी अमन कुमार के प्रयास से पुलिस ने श्रमदान और आर्थिक सहयोग कर बोरीबांध बनाया. अफीम के खिलाफ खूंटी में चलाए गए जागरूकता अभियान का असर दिखने लगा है. मुरहू थाना क्षेत्र के मडगाँव गाॅव में ग्रामसभा ने फैसला लेकर अपने गांव को पूरी तरह से अफीम मुक्त बना दिया. ग्रामीणो ने तरबूज और अन्य फसल लगाने का निर्णय लिया. गाँव में पानी की समस्या को देखते हुए एसपी अमन कुमार द्वारा ग्रामसभा एवं सेवा योजना सोसाईटी के साथ मिलकर आर्थिक सहयोग कर बोरीबांध बनाया गया. खूंटी पुलिस के मेजर और जवानों ने भी श्रमदान के साथ उनका हौसला बढ़ाया.

वैकल्पिक खेती को भी बढ़ावा देने का काम भी कर रही है पुलिस

खूंटी पुलिस अफीम की खेती को नष्ट कर रही है. तो वैकल्पिक खेती को भी बढ़ावा देने का काम भी कर रही है. मुरहू थाना क्षेत्र के गानालोया पंचायत अंतर्गत मड़गांव में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला पुलिस ने ग्रामीणों और सेवा वेलफेयर सोसाईटी को साथ लेकर बोरीबांध का निर्माण किया गया. ग्रामीणों के साथ एसपी अमन कुमार, साजेंट मेजर सोना राम सोरेन, मुरहू के थानेदार रामदेव यादव, एसडब्लू एस के अजय शर्मा, सुशील सोय, ग्रामप्रधान जुनास ढ़ोढ़राय समेत ग्रामीण और लगभग 50 जवानों ने भी बोरीबांध बनाने में ग्रामीणों के साथ श्रमदान किया.
इस गांव के किसानों ने पुलिस द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियान के बाद ग्रामसभा में अफीम की फसल को नष्ट कर वैकल्पिक खेती करने का निर्णय लिया. गांव में लगे सारे लोग मिलकर अफीम की फसलों को स्वंय विनष्ट किया. ग्रामीणों की इस कार्य की सराहना करते हुए एसपी ने गांव के किसानों को वैकल्पिक खेती के कार्यों में मदद करने का काम शुरू किया है. इस बोरीबांध के बनने से मड़गांव के किसान लगभग 25 एकड़ से ज्यादा खेतों में वैकल्पिक फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिल पाएगा. यह पानी गर्मी के मौसम में भी खत्म नहीं होगा. वर्तमान में मड़गांव के किसानों के द्वारा 12 एकड़ में तरबूज, बंधागोबी, टमाटर समेत अन्य सब्जी की खेती की गई है. एसपी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि वे कृषि से संबंधित जो सहयोग चाहिए इसके लिए आवेदन दें. उपायुक्त लोकेश मिश्रा से बात कर ग्रामीणों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी.
एसपी ने कहा कि जिला पुलिस चाहती है कि खूंटी जिले के किसान मड़गांव से सीख लेते हुए वैकल्पिक खेती की ओर बढ़ें. इसके लिए पुलिस ने यह प्रयास शुरू की है. खूंटी जिले में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती है. पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता के बल पर ग्रामसभाएं स्वंय अफीम की फसलों को विनष्ट कर रहीं हैं. गांव के लोगों को वैकल्पिक खेती की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो, इसके लिए ही यहां बोरीबांध का निर्माण कराया गया है. इसके लिए श्रमदान करने के साथ पुलिस के द्वारा आर्थिक मदद भी की गई है. अन्य ऐसे गांव जहां के लोगों ने स्वंय अफीम की फसलों को नष्ट किया है. उन गांवों में बोरीबांध बनाया जाएगा और जिला प्रशासन से वैकल्पिक खेती के लिए अन्य सरकारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी.
ग्रामप्रधान जुनास ढ़ोढ़राय ने कहा कि जिला पुलिस ने उनकी आंखें खोल दी है. अब गांव के लोग निर्भिक होकर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर कृषि कार्यों में आगे बढ़ रहे हैं. यहां के किसान सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने के बाद बड़े पैमाने पर सब्जी, स्वीटकॉर्न, तरबूज आदि की खेती की तैयारी में जुट गए हैं.
श्रमदान करने वाले ग्रामीणों में सामू ढ़ोढ़राय, एतवा ढ़ोढ़राय, करमसिंह ढ़ोढ़राय, कृष्णा ढ़ोढ़राय, कईला, बिरसा, एमन, कोलेया, नाधू, विमल, इंदू, अब्रहाम, सनिका, हेरमन, संदीप, देवगी, दयामनी, मंगरी ढ़ोढ़राय समेत ग्रामसभा के सदस्य शामिल रहे.

अफीम के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान की एसपी ने किया समीक्षा

खूंटी एसपी अमन कुमार रविवार को अफीम की खेती से प्रभावित थाना क्षेत्र के संबंधित एसडीपीओ, प्रतिनियुक्त डीएसपी, पुलिस निरीक्षक एवं थाना प्रभारी के साथ बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में खूंटी जिला अंतर्गत अफीम की खेती के पूर्ण रूप से विनष्टीकरण के लिए चलाए जा रहे खेती के दौरान विशेष अभियान का समीक्षा किया गया. बैठक में एसपी ने अभियान में किए जा रहे विनष्टीकरण और गिरफ्तारी में प्लानिग कर तेजी लाने का निर्देश दिया गया. साथ ही सभी बचे हुए गांव को चिन्हित करते हुए विनष्टीकरण करने के लिए निर्देश दिया गया. खेती कार्य के दौरान सभी थाना एरिया में जागरुकता अभियान चलाने के लिए भी निर्देश दिया गया.

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