Patna: विशाल हत्याकांड का वैशाली पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. नशे के दौरान गमछा से मुंह तथा गला दबाकर हत्या की गई थी. गिरफ्तार आरोपी में सदर थाना क्षेत्र के चंद्रालय निवासी अंशु पांडे और नगर थाना क्षेत्र के अंजानपीर निवासी शुभम पटेल का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त वैगनार कार और एक मोबाईल पुलिस ने बरामद किया हैं. घटना का कारण के संबंध में पूछताछ करने पर बताया गया कि मृत विशाल कुमार उदण्ड, मनबढु एवं अपराधी प्रवृति का व्यक्ति था जो पूर्व में जेल भी गया हुआ है. जिसके द्वारा अपने मित्र लक्की को पैसे लेनदेन के विवाद को लेकर माँ-बहन की भद्दी भद्दी गालियों एवं अपशब्द बोला गया था. चूँकि लक्की भी अपराधी प्रवृति का व्यक्ति था जो अपमान का बदला लेने के उद्देश्य से अपने मित्र शुभम, अंशु पांडे एवं वासिफ की सहायता से विशाल कुमार की हत्या करके बदला लेने की बात बताई गई है. लक्की कुमार का पूर्व से अपराधिक इतिहास रहा है. घटना में शामिल अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
मोबाईल लोकेशन से खुला हत्या का राज
17 जनवरी 2025 को सदर थाना को एक आवेदन प्राप्त हुआ जिसमें चन्द्रालय निवासी एक महिला वीणा देवी द्वारा उनके पुत्र विशाल कुमार का अपहरण कर गायब करने का आरोप उनके ही पाटीदार एवं पड़ोस के 10 लोगो पर लगाया गया. इस संदर्भ में सदर थाना (कांड सं0-38/25) में मामला दर्ज किया गया. प्रारंभिक अनुसंधान के क्रम में अपहृत विशाल कुमार के मित्र अंशु पांडे को थाना लाकर पुछताछ किया गया था, पूछताछ में पुलिस को दो बार तथ्य छुपाकर भ्रमित करते हुए बताया गया कि विशाल मेरे साथ नही गया था. अन्य दोस्तो से भी पुछताछ किया गया परन्तु किसी ने कोई तथ्य नही बताया. शुरूआती अनुसंधान में ग्रामीण ने बताया कि अपहृत लड़का अपराधिक प्रवृति का है एवं खुद ही कही गायब हुआ है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली एसपी ने हाजीपुर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. गठित टीम लगातार मामले का खुद से गायब होने एवं अपहरण होने से संबंधित दोनो दिशाओं से अनुश्रवण एवं समीक्षा किया जा रहा था. पुनः मामले के अनुश्रवण एवं समीक्षा के क्रम में अपहृत तथा उनके संदिग्ध मित्रों का मोबाईल नं० का विश्लेषण कर मामले के संदिग्ध अंशु पांडे से पूछताछ किया गया. पूछताछ के क्रम में संदिग्ध अंशु पांडें बार बार पुरानी कहानी दोहरा रहा था कि पटना वापस आने के बाद उसको घर छोड़कर हम अपने घर चले गए थे, जबकि अंशु पांडे के मोबाईल लोकेशन का विश्लेषण से उसके बातो कि पुष्टि नही हो रही थी, साथ ही अपहृत का मोबाईल का तकनीकी विश्लेषण में यह तथ्य सामने आया कि अपहृत विशाल एवं अंशु पांडे शाम 04:30 बजे 07:30 बजे तक साथ थे. पुनः सख्ती से पूछताछ करने पर बताया कि नगर थाना के महावीर कॉलोनी में एक मित्र के जन्मदिन को लेकर अपहृत विशाल संग 06-07 लोग पार्टी किये. इनके बताये अनुसार जन्मदिन पार्टी में शामिल एवं वैगनार कार में सवार एक अन्य साथी शुभम कुमार को पकड़कर पूछताछ किया गया तो उसने खुलासा किया कि अपहृत विशाल को अंशु पांडे जन्मदिन पार्टी में लेकर आया था. जहां पूर्व से लक्की, वासिफ, अभिषेक एवं मोनू मौजूद थे. वहाँ पार्टी खत्म होने के उपरान्त लक्की की वैगनार से अपहृत विशाल कुमार, वासिफ, लक्की, शुभम एवं अंशु पांडे सभी महावीर कॉलोनी से निकल कर वासिफ के घर के पास (असतीपुर चकतुल्लाह) चौड़ पहुंच कर शराब व स्मैक का नशा किए. तभी अचानक लक्की के द्वारा गमछा से मुंह तथा गला को दबाकर विशाल की हत्या कर दी गई. इसके बाद विशाल के लाश को ठिकाने लगाने के लिये ये सभी विशाल के शव को लेकर सराय थाना क्षेत्र के शीतल भकुहर स्थित पुलिया के पास साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को झाड़ी में फेक कर अपने अपने घर चले गए.
आरोपी के निशानदेही पर दोनो घटना स्थल जहां अपहृत विशाल कुमार की हत्या की गई, तथा जहां शव को छुपाया गया को सत्यापित किया गया तथा पार्टी में मौजूद अन्य साथियों के ब्यान से भी इस घटना की पुष्टि हुई है. साथ ही सराय थाना के साथ शव छिपाये गए घटना स्थल के सत्यापन के क्रम में पता चला कि 31 जनवरी 2025 को एक सड़ा गला शव उसी जगह से मिला था. जिस संबंध में यू०डी० कांड दर्ज किया गया था.
