Ranchi: अफीम नष्ट कर लौट रहे जवान के हत्या में शामिल दो इनामी उग्रवादी ने चतरा में आईजी और एसपी के समक्ष हथियार के साथ सरेंडर कर दिया है. चतरा और पलामू के कई मामले में वांछित दोनो उग्रवादी 1-1 लाख का इनामी था. पुलिस को उग्रवादी उन्मूलन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. चतरा-पलामू के सीमावर्ती इलाके में आतंक का पर्याय रहे सरेंडर करने वाले उग्रवादी में चतरा जिले के कुंदा थाना क्षेत्र के अनगड़ा गांव के रहने वाले टीपीसी एरिया कमांडर रोहिणी गंझू उर्फ रोहिणी सिंह उर्फ रोहिणी पाहन उर्फ पाहन और कोजरम निवासी कुलदीप गंझू उर्फ कुणाल उर्फ पत्थर का नाम शामिल है. रोहिणी गंझू एक एसएलआर रायफल व 82 गोली और कुलदीप गंझू एक सेमी रायफल और 103 गोली के साथ समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में बोकारो जोन के आईजी सुनील भास्कर के समक्ष सरेंडर किया है. रोहिणी गंझू के विरुद्ध 10 और कुलदीह गंझू के विरुद्ध 16 मामले चतरा और पलामू के विभिन्न थाने में दर्ज है.
अफीम नष्ट कर लौट रहे पुलिस जवान पर हमला में शामिल था कुलदीप गंझू
चतरा के सदर थाना क्षेत्र स्थित नरैनातरी से कुछ दूर स्थित पहाड़ी के पास 7 फरवरी 2024 को पुलिस की टीम अफीम फसल नष्ट कर लौट रही थी. इसी क्रम में कुलदीप गंझू अपने सहयोगी आक्रमण गंझू, शशिकान्त, हरेन्द्र गंझू, जेठा उर्फ राजदेव गंझू, हरिवंश, लक्ष्मण गंझू, छोटु गंझू, सोहन गंझू, भुनेश्वर गंझू, सुरेश गंझू, जीवलाल भुईया के साथ नरैनातरी से कुछ दुर पहाड़ी के पास घात लगाकर हमला कर दिया. इसमें सिकंदर सिंह और सुकन राम नामक दो जवान शहीद हो गया. इस संबंध में सदर थाना (कांड सं0-74/24) में मामला दर्ज है.
समर्थक को हथियार के साथ ग्रामीण ने पकड़ा तो पिता-पुत्र की कर दी हत्या
टीपीसी समर्थक दिलेश उर्फ मंटू गंझू को हथियार के साथ पकड़ कर पुलिस के हवाले करने का बदला लेने के लिये पिता-पुत्र की हत्या कर दी गई थी. 25 मई 2024 को पंकज बिरहोर एवं उनके पिता बिफा बिरहोर की हत्या में रोहिणी गंझू शामिल था. पंकज बिरहोर एवं उसके भाई विधाय बिरहोर टीपीसी समर्थक दिलेश उर्फ मंटु गंझू को हथियार के साथ पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिये जाने के कारण उन दोनो भाईयों को सबक सिखाने एवं बदला लेनें के उद्देश्य से रोहिणी गंझू अपने साथी आक्रमण गंझू, शशिकान्त, हरेन्द्र गंझू, मनोज गंझू उर्फ सुरेन्द्र गंझू उर्फ इरफान गंझू, महेन्द्र गंझू उर्फ पाल्टा, छोटु भुईयां उर्फ पंडित उर्फ बाबा, मुखदेव यादव उर्फ तुफानी, कुणाल गंझू, नगीना, ईश्वरी गंझू, बुटन यादव, जितेन्द्र खेरवार, अंकित, विकाश, शैलेन्द्र भुईयां, उपेन्द्र भुईयां के साथ मिलकर रात रात्री में पंकज बिरहोर के घर जाकर पंकज बिरहोर एवं उसके पिता बिफा बिरहोर कि गोली मारकर एवं पत्थर से कुचलकर हत्या कर दिया था.
