Ranchi: राजधानी रांची के कांके इलाके में दिन-दहाड़े हुए दो चोरी के मामले का उद्भेदन करते हुए पुलिस पांच आरोपी को गिरफ्तार किया है. पकड़े गये अपराधी डिलीवरी बॉय बनकर घरों की रेकी करता था. बंद मिलने पर वारदात को अंजाम देता था. 18 अग्स्त को कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे स्थित घर के मुख्य दरवाजा तोड़कर करीब 35 लाख के ज्वेलरी के साथ नगदी की चोरी की गई थी. इस घटना में को अंजाम देने में शामिल सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के फ्रेड्स कॉलोनी निवासी सन्नी कुमार साहु और बिरसा नगर देवकमल अस्पताल के समीप रहने वाला आलोक कुमार सिंह को पुलिस गिरफ्तार किया है. आरोपी के निशानदेही पर 7,47,000 रुपये नगद, घटना में प्रयुक्त अपाची (JH01EZ-4947), एक चोरी समेत तीन मोबाईल, जेवरात के खाली बैग, डिब्बा और 3 पर्स पुलिस ने बरामद किया है. जबकि 28 अगस्त को कांके थाना क्षेत्र के जगतपुरम कॉलोनी स्थित बंद घर में चोरी की घटना को अंजाम देने में शामित तीन अपराधी को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार अपराधी में अरूण कुमार शर्मा, रोहित कुमार और संतोष सोनी का नाम शामिल है. तीनों सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के न्यू मधुकम का रहने वाला है. आरोपी के निशानदेही पर स्कूटी (JH01FE2303), सोने का 3 जोड़ा कान का झुमका, 2 जोड़ा लरी, 3 जोड़ा बाली, 2 चेन, 4 नथिया, 2 लॉकेट, 1 हार सेट,1 मांगटीका, 3 अंगुठी, 1 जीतिया, चांदी का 6 जोड़ा पायल, 1 घुंघरू, 4 जोड़ा चुड़ी, 3 ब्रॉसलेट, 6 सिक्का, 1 राधा-कृष्ण मुर्ति, 1 ग्लास, 1 चम्मच, 1 कटोरी, 1 सिल्वर मेडल, सिटी गोल्ड का पंजा सेट और दो मोबाईल पुलिस ने बरामद किया है.
दोपहर में घटना को देने के बाद चोरी के जेवर बेचने शाम को चला गया नवादा
घटना की जानकारी देते हुए एसएसपी ने बताया कि 18 अगस्त को कांके थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर अरसण्डे स्थित घर में चोरी के संबंध में कांके थाना (कांड संख्या-221/25) में मामला दर्ज किया गया था. मामले के उद्भेदन के लिये डीएसपी (मु०) प्रथम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया. अनुसंधान के क्रम में संदिग्ध आरोपी से पूछताछ किया गया. पूछताछ के क्रम में सन्नी कुमार साहु व आलोक कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया. आरोपी ने स्वीकारोक्ति बयान में बताया कि राँची जिला के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बंद घरो की रेकी करने के उपरांत रात या दिन में उक्त घर के दरवाजा का ताला को तोड़कर घर में पड़े कीमती जेवर एवं रूपया की चोरी कर लिया जाता है. चुराये गये जेवर को लाईन्स क्लब के पास पंचम ज्वेलर्स, कोकर चुना भट्ठा में राजेश कुमार तथा बिहार के नवादा जिले में मौसेरा भाई सोनु कुमार को बेच दिया जाता है. असरण्डे में दिन में लगातार बंद रहने वाले घर को देखकर चोरी की योजना बनायी. योजना के अनुसार 18 अगस्त को करीब 12:30 बजे बाईक पहुँचे और चाहरदिवारी फांद कर मुख्य दरवाजा में लगे ताला तोड़ घर के अंदर सभी कमरो में अलमीरा से सोने का जेवरात से भरा थैला एवं बिस्तर पर पड़ा मोबाईल को लेकर भाग गये. जेवरात को ठिकाना लगाने के लिए उसी दिन संध्या में बस से नवादा के लिए निकले. दूसरे दिन सुबह सोनू एवं राजेश को जेवर बेच दिया. जिसके एवज में 12 लाख रूपया मिले. 1 लाख रूपया आलोक को हिस्सेदारी के रूप में दिया गया. सन्नी कुमार साहु के निशानदेही पर 7,47,000 रू० एवं चोरी के अन्य सामग्री, मोबाईल फोन को बरामद किया गया. स्वीकारोक्ति बयान से कांके थाना का 7, रातु थाना का 2, पण्डरा ओपी का 1 सहित अन्य चोरी का उद्भेदन किया गया है. सन्नी साहु और आलोक सिंह का अपराधिक इतिहास रहा है. सन्नी के विरुद्ध आधा दर्जन मामला विभिन्न थाना में दर्ज है. जबकि आलोक के विरुद्ध एक मामला दर्ज है.
चोरी के समान बेचने के दौरान पकड़ा गया आरोपी
दूसरे घटना के संबंध में एसएसपी ने बताया कि 28 अगस्त को कांके थाना क्षेत्र के जगतपुरम कॉलोनी स्थित बंद घर में चोरी के संदर्भ में कांके थाना (कांड संख्या-232/25) में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरु किया गया. डीएसपी मुख्यालय प्रथम के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. अनुसंधान के क्रम में गुप्त सूचना मिली कि जगतपुरम कॉलोनी स्थित घर में हुई चोरी की घटना में संलिप्त अपराधी आईटीआई बस स्टैन्ड के पास छुपे हुए है. सूचना पर छापामारी दल कार्रवाई करते हुए आईटीआई बस स्टैन्ड पहुँची तो पता चला कि अपराधी अरूण कुमार शर्मा एवं रोहित कुमार चोरी के सारे सामान को एक बैग में डालकर बेचने के लिये अन्यत्र भाग रहे है, जिन्हें पुलिस घेराबंदी कर पकड़ लिया. पकड़े गये आरोपी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए बताया कि 28 अगस्त को स्कूटी (JH0IFE2303) में बैठकर योजना के तहत कांके की ओर गये तथा घुम-घुमकर बंद घर की खोजबीन कर रहे थे. जगतपुरम कॉलोनी के पास पहुँचे तो देखे कि एक घर के मेन गेट में ताला लगा हुआ है. जिसे तोड़ा गया. ताला तोड़ने के पश्चात् पूरे घर में छानबीन करने पर गोदरेज को तोड़कर कर, उसमे रखे सोना-चांदी को एक झोला में रखकर वहां से बाहर निकलकर भाग गये. फिर सारा समान लेकर रातू चले गये. 2-3 दिन इंतजार करने के बाद सारा सामान को ठिकाने लगाने के लिए संतोष सोनी को सामान बेचने के लिए सम्पर्क किया. जिसपर वह तैयार हो गया. सारे सामानों को बैग में डालकर आईटीआई बस स्टैन्ड के पास ज्योहीं पहुँचे तो पुलिस पकड लिया. आरोपी के निशानदेही पर संतोष सोनी को भी गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार अपराधियों का अपराधिक इतिहास रहा है. अरूण कुमार शर्मा के विरुद्ध विभिन्न थाना में सात मामला दर्ज है. जबकि रोहित कुमार के विरुद्ध एक मामला दर्ज है.
