Ranchi: व्हाट्सएप कॉल कर फर्जी केस में फँसाने की धमकी देकर 59 लाख की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधी को रांची साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी महिला एवं ग्रामीण विकास कल्याण समिति के नाम खोले गए खाता में ठगी का पैसा मंगवाता था. गिरफ्तार आरोपी में बिहार के पटना जिले के सुलतानगंज थाना क्षेत्र के टिकिया टोली महेंद्रु निवासी अजय कुमार सिन्हा और सौरभ शेखर का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर 2 मोबाईल, 3 सिम, 2 आधार कार्ड, 2 चेकबुक और घटना से संबंधित व्हाट्सएप चैट पुलिस ने बरामद किया है.
जानकारी के मुताबिक रांची साईबर क्राईम थाना (काण्ड सं0 29/25) 28 मार्च को मामला दर्ज किया गया था. आरोपी पीड़ित को व्हाट्सएप कॉल कर सीबीआई अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग के फर्जी केस में फँसाने एवं डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी देकर 59,44,307 रुपये की साईबर ठगी की थी. अनुसंधान के क्रम में प्राप्त तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर छापामारी कर दोनो आरोपी को गिरफ्तार किया गया.
सामाजिक संस्था के आड़ में खुलवाया खाता, एक दिन में 1 करोड़ जमा
पकड़े गए आरोपी ने महिला एवं ग्रामीण विकास कल्याण समिति के नाम पर एचडीएफसी बैंक में एक खाता खुलवाया था. उसी खाते में पीड़ितों से ठगे गए पैसे जमा कराए जाते थे. ताकि धोखाधड़ी को किसी सामाजिक संस्था की आड़ में छुपाया जा सके. केवल एक दिन में इस खातें में 1,47,95,307 रुपया खाता में क्रेडिट हुआ है. नेशनल साइबर क्राइम रिपोटिंग पोर्टल पर खाते से संबंधित विभिन्न राज्यों में 7 शिकायतें दर्ज हैं.
केंद्रीय एजेंसी के नाम पर डिजिटल अरेस्ट की देता था धमकी
गिरफ्तार आरोपी स्वयं को ईडी, सीबीआई जैसे केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को वीडियो कॉल करता था. कॉल के दौरान अपराधी सरकारी वर्दी पहने व्यक्ति का वीडियो दिखाकर विश्वास दिलाता है कि पीड़ित का नाम मनी लॉन्ड्रिंग या किसी अन्य गंभीर मामले में शामिल है. फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी देकर पीड़ित को मानसिक रूप से भयभीत करता है. इस भय का लाभ उठाकर आरोपी पीड़ित से ठगी के उद्देश्य से तत्काल भुगतान की मांग करता है. भुगतान के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स साझा की जाती हैं. पीड़ित से एक या एक से अधिक बार में बड़ी धनराशि ट्रांसफर करवा ली जाती है.
इस अपराध शैली से बचने का तरीका :-
1. कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, NIA, NCB आदि) वीडियो कॉल के माध्यम से गिरफ्तारी या डिजिटल अरेस्ट नहीं करती.
2. किसी अनजान व्यक्ति की धमकी या दबाव में आकर कोई भी धनराशि ट्रांसफर न करें.
3. बैंक डिटेल, OTP, UPI पिन किसी के साथ साझा न करें.
4. यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर कॉल करता है और पैसे मांगता है, तो तुरन्त 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें.
5. साइबर ठगी से संबंधित किसी भी सूचना पर स्थानीय साइबर थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें.
