Ranchi: दुमका के घघरी स्थित घर में साईबर ठगी करते तीन आरोपी को पुलिस रंगेहाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी दूसरे के खाता में 30 प्रतिशत का लालच देकर रुपया मंगाता था. गिरफ्तार आरोपी में सरैयाहाट थाना घघरी निवासी विमल कुमार, उसका भाई कमल कुमार और रामगढ़ थाना क्षेत्र के कारुडीह निवासी मनोज कुमार मंडल का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर आधा दर्जन मोबाईल, सेट्रल बैंक और एसबीआई का एटीएम कार्ड पुलिस ने बरामद किया है.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुमका एसपी के तकनीकी शाखा के द्वारा प्रतिबिम्ब एप्प के माध्यम से सूचना मिली कि ग्राम घघरी के एक घर में साईबर अपराध किया जा रहा हैं. सूचना पर एक छापामारी टीम गठित किया गया. छापामारी टीम प्रतिबिम्ब एप्प के माध्यम से प्राप्त लोकेशन के आधार पर ग्राम घघरी स्थित घर में गया तो देखा कि तीनों बैठ कर साईबर ठगी का काम कर रहा है. जो पुलिस को देखकर अपना-अपना मोबाईल को इधर-उधर छुपाने लगा और भागने का प्रयास करने लगा. हालांकि तीनों आरोपी को दबोच लिया गया. छापामारी किये गये घर के बारे में पुछने पर आरोपी विमल कुमार ने अपना घर बताया. तलाशी लेने विमल कुमार मंडल के पास से मोबाइल, एटीएम, मनोज कुमार मंडल के पास से मोबाइल, छज्जा पर रखा दो मोबाईल बरामद किया गया. पुछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हमलोग यहाँ एकजुट होकर साईबर ठगी का काम करते हैं और आज भी कर रहे थे. हमलोगों बैंक कर्मी, बैंक मैनेजर, Credit Card अफसर लोन अधिकारी, मईया योजना का बैंक खाता का आधार लिंक करने, प्रधानमंत्री निधि योजना, बिजल बिल का फर्जी एप्स को लेकर अधिकारी बनकर या अन्य कई तरीको से लोगों से बात करते हैं. जिसमें संबंधित व्यक्ति का Credit Card का Limit अपडेट कराने के बात बोलकर एवं विभिन्न प्रकार की बात को बोलकर बहला-फुसलाकर संबंधित व्यक्ति के WhatsApp पर Traffic Admin App, R.T.O. Admin App, User Admin का दो App, P.M. Shoot Ad, Bank, RBL Credit Card APK File, INDUSIND Credit Card APK File नामक फर्जी फाईल भेजते हैं. जो एक लिंक के रुप में होता हैं. जैसे ही संबंधित व्यक्ति उस लिंग को Open करता हैं. तबतक हमलोग उसके मोबाईल क्लोनिंग, हैंक कर लेते हैं. उसके बाद उसका OTP हमारे मोबाईल में आ जाता हैं. जिससे उस व्यक्ति के Account का पैसा Online निकाल लेते हैं. Jio Mart एवं अन्य विभिन्न Apps से Online मार्केटिंग करते हैं. साईबर ठगी का पैसा हमलोग अपने बैंक एकाउन्ट में नहीं लेते हैं, उस पैसा को हमलोग किसी अन्य व्यक्ति के खाता में डालते हैं, जिसके बदले उस व्यक्ति को प्राप्त रकम का 30% देते हैं.

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