Patna: 26 जनवरी 2026 के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिस पदकों की सूची जारी कर दिया है. सूची में बिहार के 22 पुलिस पदाधिकारी और कर्मी शामिल हैं. इनमें डीजी कुंदन कृष्णन समेत तीन को गैलंट्री मेडल, दो को राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक और 17 को सराहनीय सेवा पदक दिया जाएगा.

कैदियों के कब्जे से जेल को मुक्त कराने वाले आईपीएस समेत तीन पुलिस पदाधिकारी को गैलेट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है. इनमे आईपीएस अधिकारी कुंदन कृष्णन, तत्कालीन एसआई अर्जुन लाल औऱ तत्कालीन सिपाही जितेद्र सिंह का नाम शामिल है. गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर बिहार पुलिस के इन तीन पदाधिकारियों को पुलिस मेडल ऑफ गैलेट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया है.

छपरा मंडल कारा को कैदियों के कब्जे से कराया गया मुक्त

28 मार्च 2002 की सुबह छपरा मंडल कारा जेल के कैदियों के द्वारा अपने स्थानांतरण आदेश के खिलाफ विद्रोह करते हुए जेल में बंद कैदियों के द्वारा हथियार और विस्फोटक इकट्ठा किया गया. और जेल परिसर के बाहर भी अपना नियंत्रण स्थापित करते हुए तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए जेल सुरक्षा में तैनात पुलिस और जेल कर्मचारी पर हमला कर दिया. और जेल पर कब्जा कर लिया. फलस्वरूप छपरा मंडल कारा 28 मार्च 2002 की सुबह से 30 मार्च 2002 तक उपद्रवी के कब्जे में आ गया. कारा पर प्रशासन का कब्जा लेने के लिए राज्य सरकार के आदेश के आलोक में 30 मार्च 2002 को जिला प्रशासन के द्वारा कार्रवाई प्रारंभ किया गया. घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन सारण एसपी कुन्दन कृष्णन क्षमता और बहादुरी का साहस दिखाते हुए अपने नेतृत्व में दल बल के साथ जेल परिसर में जाकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई किया. इस क्रम में पुलिस के द्वारा अश्रु गैस के गोले एवं हथगोले का इस्तेमाल किया गया. करीब 3-4 घंटे अदम्य साहस दिखाते हुए उनके नेतृत्‍व में उपस्थित बल के द्वारा स्थिति को नियंत्रित किया गया. इस क्रम में उपद्रवी कैदियों के द्वारा इस्तेमाल किये गये हथियारों के अतिरिक्त 33 चक्र .315 बोर एवं 12 बोर का खोखा तथा बम के अवशेष बरामद किया गया. पुलिस बल द्वारा भी प्रतिरक्षा में टीजी आर सेल, टीजी हथगोले तथा कई बम गोलियों आत्मरक्षार्थ चलायी गई जिससे जेल में बंद हजारों कैदियों को भागने से रोका गया. इस अभियान में सारण जिला के तत्कालीन एसपी कुन्दन कृष्णन के साथ जिला पुलिस, सैन्य पुलिस, गृह रक्षक सहित 28 जवान घायल हुए थे तथा साथ ही उक्त हिंसा में 4 कैदियों की मौत एवं 7 कैदी घायल हो गए.

दो को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 17 को सराहनीय सेवा पदक

राष्ट्रपति का विशिष्ट सेवा पदक लंबे समय तक अनुकरणीय और उत्कृष्ट सेवा देने वाले अधिकारियों को प्रदान किया जाता है. इस बार यह सम्मान डीएसपी उमेश लाल रजक और एसआई नवरत्न कुमार को मिला है. वही सराहनीय सेवा पदक पाने वालों में आईजी दलजीत सिंह, एआईजी राजीव रंजन द्वितीय, कमांडेंट अजय कुमार पांडेय, डीएसपी शैलेश मिश्रा, एसआई मो. ऐनुल हक, ऋषिकेश कुमार, मनोज कुमार, निक्कू कुमार सिंह और एएसआई नागेंद्र पांडेय जैसे अधिकारी शामिल हैं. हेड कांस्टेबल संजय कुमार सिंह, सुकड़ा उरांव, धर्मेंद्र कुमार, जवाहर लाल मंडल, उमेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश, एमडी रफी और कांस्टेबल मनोज कुमार सिंह को भी इस सम्मान से नवाजा गया है.

सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच, पटना में तैनात डीएसपी रूबी चौधरी और हेड कांस्टेबल भोला राय को पुलिस मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस से सम्मानित किया गया है. पुलिस मुख्यालय ने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे बिहार पुलिस बल की सामूहिक मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रतीक है. पदक प्राप्त करने वाले पदाधिकारियों को बिहार पुलिस की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं.

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