Ranchi: 38 करोड़ रुपया के शराब घोटाला मामले में दूसरे दिन भी एसीबी ने कार्रवाई करते हुए तीन लोगो को गिरफ्तार किया है. आरोपी में झारखण्ड राज्य विबरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के पूर्व जीएम सुधीर कुमार, जीएम फाइनेंस सुधीर कुमार दास और कंपनी के लोकल प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया. सुधीर कुमार वर्तमान में रियाडा में पदस्थापित हैं. एसीबी ने 20 मई को रांची एसीबी थाना (कांड सं0-09/25) में दर्ज किया था. उत्पाद विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे और संयुक्त आयुक्त गजेन्द्र सिंह एवं अन्य को आरोपी बनाया गया था. अनुसंधान के विनय कुमार चौबे और गजेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया था. इनलोगो पर पद का दुरूपयोग करते हुए प्लेसमेंट एजेंसी के चयन का आरोप में गिरफ्तार किया गया था. सरकार के साथ जालसाजी धोखाधडी कर 38 करोड का नुकसान पहुंचाने का आरोप है.
विनय चौबे व गजेंद्र सिंह के सम्पत्ति का आकलन करेगी एसीबी
राज्य में शराब घोटाला मामले में जेल में बंद उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के पूर्व प्रधान सचिव सह झारखंड राज्य विबरेजेज कारपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के पूर्व प्रबंध निदेशक विनय कुमार चौबे व संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारियों की चल-अचल संपत्ति का एसीबी आकलन करने में जुटी गई है. एसीबी को प्रथम दृष्टया छानबीन में यह पता चला है कि अधिकारियों ने प्लेसमेंट एजेंसियों के संचालकों के साथ मिलीभगत कर बड़ी मात्रा में जालसाजी की है. जिन अधिकारियों को लाभ पहुंचाने वाले प्लेसमेंट एजेंसियों को नियम व शर्तों का अनुपालन नहीं करने के आरोप में सरकार ने ब्लैकलिस्ट करते हुए उनकी बैंक गारंटी को जब्त किया था. हालांकि, उसके बाद भी जिन प्लेसमेंट एजेंसियों का चयन हुआ, उनमें में भी कइयों के साथ इन अधिकारियों की मिलीभगत हुई. एसीबी विनय चौबे व गजेंद्र सिंह के आय-व्यय का ब्यौरा भी खंगालने में जुटी है. दोनो अधिकारी का बैंक खाता की भी जांच की जाएगी. साथ ही कहां-कहां चल-अचल संपत्ति अर्जित की है. उसका भी एसीबी पता लगाएगी.
