Ranchi: प्रकाश मेहता अपहरण की सूचना झूठी निकली है. पैसा दिलवाने से बचने के लिए अपहरण की कहानी रची गई थी. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार काजल देवी पति प्रकाश मेहता ने डोमचांच थाना में लिखित आवेदन दिया कि उनके पति प्रकाश मेहता 7 फरवरी की रात से लापता हैं. उनका काफी खोजबीन किए, किंतु कोई पता नहीं चला. आज सुबह 7.36 बजे मेरे पति अपने मोबाईल से फोन किए कि उनका किडनैप हो गया है वे जयनारायण मेहता के घर में हैं. 15 लाख रूपये देने पर छोडने की बात कह रहे हैं. आवेदिका के आवेदन के आधार पर डोमचांच थाना (कांड सं0-22/26) में मामला दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कोडरमा एसपी ने एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. गठित टीम मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज आदि के आधार पर गहन जांच करते हुए मात्र छः घंटे के अंदर अपहृत प्रकाश मेहता को उसके रिश्ते में लगने वाले बहनोई जयनारायण मेहता के गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र के लक्षीबागी अटका स्थित घर से सकुशल बरामद किया गया. अपहृत की बरामदगी के बाद पूछताछ की गयी. पूछताछ के क्रम में प्रकाश मेहता ने पुलिस को बताया कि जयनारायण मेहता इनके रिश्तेदार हैं. जयनारायण मेहता को उनकी पत्नी बैजंती देवी के नाम पर एक चौदह चक्का ट्रक ( JH02BM 1755) था, जिसे वे अशोक कुमार को एक एग्रीमेंट के तहत अठाईस लाख एकावन हजार रूपये में 26 जून 2024 को बिक्री किया था. जिस एग्रीमेंट में ये गवाह थे. एग्रीमेंट के अनुसार ट्रक का कुल मुल्य दो माह के अंदर ट्रक मालिक (प्रकाश मेहता) को ट्रक खरीददार (अशोक कुमार) द्वारा भुगतान कर देना था. किंतु ट्रक खरीददार अशोक कुमार तय समय में पैसों का भुगतान नहीं किया. तब ट्रक मालिक (प्रकाश मेहता) केस कर दिया. जो माननीय न्यायालय में चल रहा है. इसी बीच 7 फरवरी को सुबह में महेशपुर चौक, डोमचांच में इन्हें जयनारायण मेहता मिला और बोला कि उसे उसका घर लक्षीबागी अटका बाईक से पहुंचा दे. तब ये जयनारायण को अपने बाईक से उसका घर लक्षीबागी अटका ले गया. चूँकि जयनारायण इसका रिश्तेदार था, इसलिए ये उसके घर पर रहने लगा. इस दौरान जयनारायण इन्हें कहने लगा कि ट्रक खरीददार पैसा नहीं दे रहा है और ये गवाह है, इसलिए खरीददार से पैसा दिलवा दे. तब ये पैसा दिलवाने से बचने के लिए अपनी पत्नी बैजंती देवी को अपने मोबाईल से फोन किये कि अपहरण हो गया है और 15 लाख रूपये पर छोडेगें. पुलिस टीम जयनारायण मेहता से पूछताछ की गयी तो उसके द्वारा बताया गया कि प्रकाश मेहता इन्हें अपने बाईक इनके घर पर लेकर आया था तथा इनके साथ ही रह रहा था. चूँकि प्रकाश मेहता ट्रक बिकी के एग्रीमेंट में गवाह था, इसलिए उसे ट्रक खरीददार से पैसे दिलवाने के लिए बोले थे. इसके बाद प्रकाश मेहता पैसा दिलवाने से बचने के लिए अपने स्वयं को अपहरण हो जाने की बात अपनी पत्नी को अपने मोबाईल से बतलाया. पुलिस टीम द्वारा प्रारंभिक जॉच में अपहरण की यह घटना झूठी एवं भ्रामक पायी गयी है. पुलिस टीम कथित अपहृत प्रकाश मेहता को अपने साथ लेकर डोमचांच थाना आयी एवं आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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