Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में रिमोट के माध्यम से ऊर्जा विभाग, जल संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग एवं भवन निर्माण निगम से संबंधित विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और कार्यारंभ किया. कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री ने 5847.66 करोड़ रुपये लागत की ऊर्जा विभाग की 264 योजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास किया. जिसमें 3238.39 करोड़ रुपये की 223 योजनाओं का कार्यारंभ, शिलान्यास और 2609.27 करोड़ की 41 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है. 4982.07 करोड़ रुपये की लागत से जल संसाधन विभाग की 14 योजनाओं का शिलान्यास किया. जिसमें बाढ़ प्रक्षेत्र से संबंधित 1686.5 करोड़ की 5 योजनाओं का शिलान्यास और सिंचाई प्रक्षेत्र से संबंधित 3295. 57 करोड़ की 9 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है. उद्योग विभाग (आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार से संबंधित) की 452.99 करोड़ रुपये की लागत से 37 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन, लोकार्पण किया. जिसमें 120.56 करोड़ की 6 योजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ और 332.43 करोड़ की 31 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है. पथ निर्माण विभाग की 1083.01 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास किया. साथ ही उन्होंने भवन निर्माण विभाग और भवन निर्माण निगम की 1354.97 करोड़ रुपये लागत की 116 योजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन किया. जिसमें 8 विभागों से संबंधित 950.15 करोड़ की 67 योजनाओं का शिलान्यास, 11 विभागों से संबंधित 404.82 करोड़ की 49 योजनाओं का उद्घाटन (इसमें भवन निर्माण विभाग की 1.95 करोड़ की एक योजना सम्मिलित है) शामिल है.
कार्यक्रम के दौरान जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर० पुडकलकट्टी, उद्योग विभाग के सचिव बी० कार्तिकेय धनजी एवं ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं के संबंध में जानकारी दी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में जिन विभागों द्वारा शिलान्यास, कार्यारंभ, उद्घाटन, लोकार्पण कराया गया है. उसके लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं. जल संसाधन विभाग, भवन निर्माण विभाग पथ निर्माण विभाग तथा ऊर्जा विभाग के अंतर्गत इन विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति और दिशा मिलेगी. इन योजनाओं के माध्यम से सड़कों, पुलों एवं अन्य यातायात अवसंरचनाओं का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण होगा, आवागमन अधिक सुगम, सुरक्षित एवं समयबद्ध होगा. ऊर्जा क्षेत्र में सुधारात्मक कार्यों से विद्युत आपूर्ति की स्थिति सशक्त होगी. उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग की योजनाओं से बाढ़ प्रबंधन में मदद मिलेगी तथा सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी. साथ ही भवन निर्माण विभाग के तहत शैक्षणिक, पशु स्वास्थ्य, कला एवं खेल संबंधित तथा प्रशासनिक संरचनाओं के निर्माण से लोगों को बुनियादी सेवाओं की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी.
