Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को ऐतिहासिक गांधी मैदान में बिहार दिवस का दीप प्रज्ज्वलित कर एवं गुब्बारा उड़ाकर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. बिहार के 113वें स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम की थीम ‘उन्नत बिहार, विकसित बिहार’ रखी गयी है.
मुख्यमंत्री ने बिहार दिवस समारोह-2025 के उद्घाटन से पूर्व पटना के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे विकास कार्यों से संबंधित लगाई गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, ग्रामीण विकास विभाग (जीविका), कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, खेल विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाई गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा प्रकाशित पुस्तिका ‘डिजास्टर रिस्क रिडक्शन रोडमैप ऑफ बिहार तथा ‘मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम’ (कक्षा- 9-12) का मुख्यमंत्री ने विमोचन किया.
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी के अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने जीविका दीदियों से बातचीत करते हुये कहा कि बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या काफी कम थी. हमने वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूह की संख्या को बढ़ाने का काम किया. हमने ही इसका नाम ‘जीविका’ दिया, जिससे प्रेरित होकर तत्कालीन केन्द्र सरकार ने इसका नाम ‘आजीविका’ किया. आप सभी अच्छा काम कर रही हैं. बुलंदी के साथ आप सभी जीविका दीदियां इसी प्रकार काम करते रहिये और आगे बढ़ते रहिये. आपकी जो भी जरूरतें होगी, उसे पूरा किया जायेगा. राज्य सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी.
इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में आयोजित पटना पुस्तक महोत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया. शुभारंभ के पश्चात् मुख्यमंत्री ने विभिन्न प्रकाशनों द्वारा लगाये गये स्टॉल का निरीक्षण भी किया. आयोजक मंडल ने मुख्यमंत्री को पुस्तक भेंटकर उनका अभिनंदन किया.
समाज कल्याण विभाग का विशेष स्टॉल, गोदभराई और अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन
बिहार दिवस 2025 के मौके पर समाज कल्याण विभाग ने भी गांधी मैदान में 13 स्टॉल लगाये हैं. जहां आईसीडीएस, सामाजिक सुरक्षा, समाज कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालयों की लाभकारी योजनाओं की जानकारियां साझा की गई हैं. विशेष बात ये है कि इस प्रदर्शनी में बुजुर्गों के लिए पेंशन योजना की प्रक्रिया की जानकारी के साथ-साथ नेत्र जांच की सुविधा भी प्रदान की जा रही है. स्टॉल पर पेंशन आवेदन प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया जा रहा है. इसके अलावा नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर भी लगाया गया है, जहां बुजुर्गों की आंखों की जांच की जा रही है.
आईसीडीएस (एकीकृत बाल विकास सेवा) की ओर से समुदाय आधारित गतिविधियों के तहत गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई संस्कार और छोटे बच्चों के लिए अन्नप्राशन संस्कार का आयोजन किया गया. गोदभराई संस्कार में महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान टीकाकरण, पोषण, दवाइयां, स्वच्छता और आराम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं. इसके साथ ही अन्नप्राशन संस्कार में छह महीने के बच्चों को ठोस आहार से परिचित कराया गया. जिससे उनकी सही पोषण की शुरुआत हो सके.
समाज कल्याण की प्रदर्शनी में आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है. जिससे लोग समझ सकें कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं को किस तरह से पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं. इसके अलावा मिलेट्स आहार का विशेष प्रदर्शन किया गया है. जिससे लोगों को पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर अनाज के लाभों की जानकारी मिल सके.
श्रम संसाधन विभाग का ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बना आकर्षण का केंद्र
बिहार दिवस 2025 की थीम “उन्नत बिहार – विकसित बिहार” को सार्थक बनाते हुए श्रम संसाधन विभाग ने गांधी मैदान में शानदार और उपयोगी स्टॉल लगाया है. जहां सरकारी योजनाओं के बारे में विधिवत जानकारियां दी जा रही हैं. श्रम संसाधन विभाग ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) को टाटा टेक के सहयोग से विकसित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) का लाइव मॉडल प्रदर्शित किया. इसके साथ ही रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), इलेक्ट्रिक व्हीकल, थ्री डी प्रिंटिंग और AR/VR तकनीक का प्रदर्शन किया गया.
परिवहन विभाग के ट्रैफिक पार्क ने खींचा लोगों का ध्यान
बिहार दिवस 2025 के मौके पर पटना के गांधी मैदान में परिवहन विभाग द्वारा सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ सड़क सुरक्षा जागरूकता प्रदर्शनी लगायी गयी है. इस प्रदर्शनी में ट्रैफिक पार्क और सड़क सुरक्षा पर आधारित पपेट शो लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. परिवहन विभाग के पवेलियन का उद्घाटन मंत्री शीला कुमारी ने किया. उन्होंने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और परिवहन विभाग के प्रयासों की जमकर सराहना की. इस मौके पर परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि अपार्टमेंट परिसर या अन्य निजी क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए स्टॉल पर रजिस्ट्रेशन सुविधा भी उपलब्ध है. इसके लिए राज्य सरकार अनुदान भी प्रदान करेगी. परिवहन पवेलियन में वाहन जांच के लिए दो सिमुलेटर, चार्जिंग स्टेशन का लाइव डेमो, ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट, वाहन चालकों की नेत्र जांच जैसी नि: शुल्क सुविधाएं भी मौजूद हैं. साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की मदद करने वाले सज्जन नागरिकों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा. यह पहल लोगों को मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की ओर प्रेरित करने के लिए की जा रही है. इसके साथ ही छात्रों के लिए विशेष ऑफर के साथ बस पास बनाने की सुविधा दी जा रही है. जिससे वे सुलभ और किफायती यात्रा का लाभ उठा सकें. यही नहीं, सड़क सुरक्षा थीम पर पेंटिंग और स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है. जिसमें विजेताओं को हेलमेट, की-रिंग और रिफ्लेक्टिव बैंड से पुरस्कृत किया जाएगा.
