Ranchi: राजधानी रांची के तमाड़ इलाके में एतवारी कुमारी हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस आधा दर्जन आरोपी को गिरफ्तार किया है. मृतिका के देवर ने ही जादू-टोना के शक में हत्या की सुपारी दी थी. गिरफ्तार आरोपी में तमाड़ थाना क्षेत्र के सोनाराम लोहरा, सोमा लोहरा, लखीचरण मुण्डा, कालीचरण लोहरा, अमित लोहरा और बुंडू थाना क्षेत्र के विष्णु महतो का नाम शामिल है. आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा, दो बाईक और दो मोबाईल पुलिस ने बरामद किया है.
मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी ने बताया कि 1 फरवरी को सूचना मिली कि तमाड़ थाना क्षेत्र के ग्राम-तालाडीह में एक महिला एतवारी कुमारी की चूल्हे की आग में जलने से मृत्यु हो गयी है. सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए रिम्स भेज दिया. पोस्टमॉर्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार करने के लिए परिजनों को सौंप दिया गया. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बताया गया कि मृतिका की मृत्यु आग में जलने से नहीं हुई है बल्कि सिर में गोली लगने से हुई. मृतिका के परिजनों को सूचित गया तथा आवेदक बुधू लोहरा के टंकित आवेदन के आधार पर तमाड़ थाना (कांड सं0-10/26) में मामला दर्ज किया गया. वही बुण्डू एसडीपीओ के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया. गठित छापामारी टीम कार्रवाई करते हुए सोनाराम लोहरा, सोमा लोहरा, लखीचरण मुण्डा, कालीचरण लोहरा, अमित लोहरा तथा विष्णु महतो को गिरफ्तार किया गया. पुछ-ताछ के क्रम में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया तथा बताया कि मृतिका एतवारी कुमारी आरोपी सोनाराम लोहरा की भाभी है. सोनाराम लोहरा को शक हो गया था कि मृतिका एतवारी कुमारी जादू-टोना जानती है तथा उसी ने ही उसके दो बच्चों को जादू-टोना करके जान से मार दिया. इस बात से सोनाराम लोहरा काफी नाराज हो गया और उसकी भाभी एतवारी कुमारी को जान से मारना चाहता था. इस काम को करने में उसका साला अमित लोहरा ने उसका साथ दिया. अमित लोहरा ने शूटर विष्णु महतो से बात की. विष्णु महतो 02 लाख रूपये में एतवारी कुमारी को जान से मारने के लिये तैयार हो गया. 1 फरवरी को शाम में अमित लोहरा, शूटर विष्णु महतो एवं बबलू महतो उर्फ देव कुमार महतो के साथ ग्राम-तालाडीह एतवारी के घर पहुँचा. वहाँ पर पहले से ही अन्य आरोपी सोनाराम लोहरा, सोमा लोहरा, लखीचरण मुण्डा, कालीचरण लोहरा मौजूद था. शूटर विष्णु महतो एवं बबलू महतो उर्फ देव कुमार महतो एतवारी कुमारी के घर घुस गया और शूटर विष्णु महतो ने एतवारी कुमारी को गोली मारकर हत्या कर दिया. इसके बाद सोनाराम लोहरा, सोमा लोहरा, कालीचरण लोहरा ने मृतिका को चूल्हा के आग में जला दिया, ताकि गोली का निशान मिट जाय और लोगों को ऐसा लगे की एतवारी कुमारी की मृत्यु चूल्हा के आग में जलने से हुआ है.
