Patna: सारण एसपी के अधीनस्थ पुलिस अफसर नहीं सुन रहे है. कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद पुलिस अफसर हाथ पर हाथ रख बैठे हुए है और एसपी के निर्देशों का अनुपालन नहीं कर रहे है.
स्पष्टीकरण मांगने पर जवाब भी नही देते है. अफसरों की इस कार्यशैली से एसपी काफी खफा है. निर्देशों का पालन नहीं करने वाले 28 थानेदार को एसपी ने अब वेतन पर रोक लगा दिया है. इनमे टाउन थानाध्यक्ष संजीव कुमार, दरियापुर थानाध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद, खैरा थानाध्यक्ष अनिमा राणा, नगरा थानाध्यक्ष विजय रंजन, बनियापुर थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार झा, जलालपुर थानाध्यक्ष राहुल कुमार, सहाजितपुर थानाध्यक्ष जितमोहन कुमार, दाउदपुर थानाध्यक्ष रिंकी कुमारी, जनताबाजार थानाध्यक्ष टुनटुन कुमार, गौरा थानाध्यक्ष बाजीगर कुमार, अमनौर थानाध्यक्ष कुन्दन कुमार, भेल्दी थानाध्यक्ष संदीप कुमार, मकेर थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, तरैया थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार सिंह, इसुआपुर थानाध्यक्ष कमल राम, पहलेजा थानाध्यक्ष स्वेता कुमारी, हरिहरनाथ थानाध्यक्ष स्वर्ण सुप्रिया, नयागांव थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा, दिघवारा थानाध्यक्ष रितेश कुमार मिश्रा, परसा थानाध्यक्ष सुनिल कुमार, अकिलपुर थानाध्यक्ष विनोद राम और डेरनी थानाध्यक्ष प्रियंका कुमारी शामिल है.
साथ ही बात नहीं सुनने यानी आदेश का पालन नहीं करने वालों से स्पष्टीकरण पूछा गया है.
दरअसल सारण एसपी जिले के सभी थानाध्यक्षों को अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को कुर्क करने के लिए थानावार कम-से-कम 2 प्रस्ताव समर्पित करने का निर्देश दिया था. समय-समय पर आयोजित बैठकों एवं पत्रों के माध्यम से भी इस कार्य को पूर्ण करने को कहा गया. साथ ही आदेश का उल्लंघन एवं लापरवाही के आरोप में स्पष्टीकरण की मांग भी की गयी थी. 20 मई तक अपराधियों को चिन्हित कर प्रस्ताव समर्पित करने के लिए सख्त निर्देश दिया गया. इसके बावजुद 22 थानाध्यक्षों ने न तो अपराधियों को चिन्हित कर प्रस्ताव समर्पित किया गया और न ही इस संबंध में स्पष्टीकरण समर्पित किया. लापरवाही एवं आदेश के उल्लंघन के आरोप में एसपी ने 22 थानाध्यक्षों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है. साथ ही 3 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण के साथ हर हाल में कम-से-कम 2 अपराधियों के विरूद्ध प्रस्ताव सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed