Ranchi: रांची पुलिस ने बच्चा चोरी करने वाले एक क्रूर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 15 आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह बच्चों को अगवा कर भीख मंगवाने, पॉकेटमारी, देह व्यापार और डिमांड के हिसाब से बेचने का काम करता था. पुलिस 12 अपहृत को सुरक्षित बरामद कर लिया है. इस बच्चे अलग-अलग जगहो से अपहरण किया गया था. गिरफ्तार आरोपी में रांची जिले के सिल्ली थाना क्षेत्र के टुटकी नावाडीह के रहने वाले प्रमोद कुमार, आशिक गोप, पत्नी बेबी देवी, रामगढ़ जिले के कोठार निवासी विरोधी खेरवार उर्फ अनुराग, एन्थोनी खरवार, चांदनी देवी, सन्यासी खेरवार, मालिन देवी, लातेहार जिले के बरियातु थाना क्षेत्र के शिव टोला बरियातु निवासी राज खानी, सीता देवी, उपैया खेरवार, पत्नी सोनिया देवी, दिनु भुईया और पूर्व में गिरफ्तार बंगाल के पुरुलिया जिले के कोटशिला थाना क्षेत्र के कोटशिला बाजार के रहने वाले नव खेरवार, पत्नी सोनी कुमारी का नाम शामिल है. जो वर्तमान में पुलिस रिमांड पर है. विरोधी खेरवार के पास से मारूती सुजुकी कार (JH24L-8382) एवं अन्य सामग्री पुलिस ने बरामद किया है.

10 वर्षो से बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था गिरोह

मामले की जानकारी देते हुए रांची एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि धुर्वा से अंश अंशिका के लापता होने के बाद ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में एसआईटी की टीम काम रही थी. इस दौरान पता चला कि बड़ा गैग ऑपरेट किया जा रहा है. रांची समेत अन्य जिलों और राज्यों में बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान चलाकर 15 आरोपी को गिरफ्तार किया गया. यह गिरोह करीब दस वर्षों से बच्चा चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था. कई बच्चों को बेच चुका है. इस गैंग के तार बिहार, ओडिशा, बंगाल और यूपी जुड़ा मिला है. गैंग ने अंश-अंशिका का सौदा भी कर लिया था लेकिन पुलिस की दबिश से यह नहीं हो सका. पुलिस का मानना है कि इस बच्चा चोर गिरोह का तार मानव अंगों के व्यापार से भी जुड़ा हो सकता है. फिलहाल इस एंगल पर भी पुलिस की तफ्तीश जारी है. गैंग के सदस्य बिना गार्जियन के बच्चे को अपहरण करता था.

जगरनाथपुर के मौसीबाड़ी से व्यपहृत बालक अंश कुमार एवं अंशिका कुमारी की सकुशल बरामदगी के पश्चात अनुसंधान में आए तथ्य के आधार पर रामगढ़ के कोठार, लातेहार के बरियातु, रांची के सिल्ली से सत्यापन के लिए कई किशोर एवं किशोरियों को सत्यापन के लिए संरक्षण में लिया गया. जिसमे से सत्यपन उपरांत अबतक सिल्ली से 5, कोठार से 3 एवं बारियातू से 4 किशोर एवं किशोरियों के अपहरण कर लाए जाने की पुष्टि हुई है.

रिमांड पर लिए गए दंपत्ति ने किया पूरे मामले का खुलासा

एसएसपी ने बताया कि अनुसंधान के क्रम में नव सास्वार और उसकी पत्नी सोनी कुमारी को पुलिस रिमाण्ड पर लेकर विस्तृत पुछताछ किया गया. तो पता चला कि इस घटना के पीछे एक संगठित गिरोह का सुनियोजित तरीके से बच्चो के अपहरण की घटना को अंजाम देकर राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में छुपाकर रखने की बात का खुलासा हुआ. पुछताछ में यह भी बात सामने आयी की इस गिरोह के पुरुष एवं महिला सदस्य झारखंड के अतिरिक्त सीमावर्ती राज्य यथा बिहार, बंगाल, उड़ीसा में भी इस तरह के घटनाओं में शामिल रहने की बात स्वीकारा है. आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान से यह बात भी प्रकाश में आई है कि इस गिरोह के सदस्य के द्वारा अपहृत बच्चों को भीख मांगने, बेचने, देह व्यापार और मानव तस्करी के लिए किए जाने की पुष्टि हुई है. आरोपी की स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर एसआईटी कार्रवाई करते हुए इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों में शामिल 15 आरोपी को गिरफ्तार किया. आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर रांची के सिल्ली, रामगढ़ के कोठार एवं लातेहार जिले के बरियातु से कई बच्चों की बरामदगी की गई है, जिसमे से अभी तक 12 बच्चों के अपहरण कर लाए जाने और इनके कब्जे से बरामदगी की गई हैं, जिनमे से दो बच्चों को दो वर्ष पूर्व खादगढ़ा बस स्टैन्ड रांची, एक बच्ची को सम्बलपुर रेल्वे स्टेशन से 3 वर्ष पूर्व, 5 बच्ची को करीब 3 वर्ष पूर्व बरियातू लातेहार से, 2 बच्चियों को धनबाद से 3 वर्ष पूर्व, एक बच्ची को लोहरदगा से तीन वर्ष पूर्व, एक बच्ची जगरनाथपुर रांची से एक वर्ष पूर्व अपहरण किए जाने की बात स्वीकार किया हैं. आरोपी द्वारा व्यपहृत कुछ बच्चों को बिहार के औरंगाबाद जिला एवं बंगाल में बेचे जाने की बात बताई गई है. अन्य बच्चों का सत्यापन किया जा रहा है. और भी आरोपी के शामिल रहने एवं अन्य बच्चो की बरामदगी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed