Ranchi: रेल लाईन निर्माण कम्पनी के संवेदक को लेवी के लिए व्हाट्सऐप पर हथियार दिखाकर जान मारने की धमकी देने वाला उग्रवादी संगठन के सुप्रीमो को लातेहार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी करीब 13 साल से फरार चल रहा था. चंदवा थाना क्षेत्र के चीरो निवासी राजेश सिंह उर्फ राजेश जी उर्फ दुला सिंह उर्फ शैतान सिंह उर्फ टोपी नक्सली संगठन संघर्ष जनमुक्ति मार्चा का सुप्रीमो है. आरोपी के निशानदेही पर 9 एमएम एक देशी रिवाल्वर, 2 गोली, धमकी देने में प्रयुक्त सीम लगा मोबाइल पुलिस ने बरामद किया है. सोमवार को घटना की जानकारी देते हुए लातेहार एसपी ने बताया कि विगत कुछ वर्षों से प्रतिबंधित नक्सली संगठन संघर्ष जनमुक्ति मार्चा के सुप्रीमो राजेश सिंह खेरवार उर्फ राजेश सिंह उर्फ टुला सिंह उर्फ राजेश जी के द्वारा थर्ड रेल लाईन निर्माण कम्पनी टीटीआईपीएल के संवेदक विकास तिवारी को लेवी के लिए व्हाट्सऐप पर ऑडियो-विडियो कॉल कर धमकी दिया जा रहा था. 27 जनवरी को करीब 14:30 बजे संवेदक विकास तिवारी को व्हाट्सऐप पर नक्सली राजेश सिंह खेरवार उर्फ राजेश जी के द्वारा विडियो पर हथियार दिखाकर जान मारने की धमकी देते हुए लेवी की माँग की गई थी. इस संबंध में संवेदक विकास तिवारी के आवेदन के आधार पर लातेहार थाना (कांड संख्या-26/2025) मामला दर्ज कर अनुसंधान प्रारम्भ किया गया. वही एसडीपीओ के नेतृत्व में छापामारी टीम गठित किया गया. गठित टीम त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रोफेशनल तरीके से अनुसंधान करते हुए काण्ड के नामजद आरोपी राजेश सिंह उर्फ राजेश जी उर्फ दुला सिंह उर्फ शैतान सिंह उर्फ टोपी को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार राजेश सिंह खेरवार के अपराध स्वीकारोक्ति बयान तथा निशानदेही के आधार पर ह्वाट्सप्प कॉल के दौरान धमकी देते हुए दिखाए गए हथियार, गोली एवं प्रयुक्त मोबाइल फोन बरामद किया गया. अपने अपराधस्वीकारोक्ति बयान में राजेश सिंह ने अनेकों काण्डों में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है. प्रतिबंधित नक्सली संगठन संघर्ष जनमुक्ति मार्चा राज्य के लातेहार एवं गुमला जिला में सक्रिय है. संघर्ष जन मुक्ति मोर्चा के सुप्रीमो राजेश सिंह के विरुद्ध गुमला व लातेहार के विभिन्न थाना में एक दर्जन मामला दर्ज है.
