Patna: राज्यभर में चल रहे सरकारी भवनों के निर्माण कार्य की समुचित जांच करने और इनकी पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य विशेष पहल की गई है. भवन निर्माण विभाग की ओर से राज्य में चल रहे नये भवनों के निर्माण या जिन भवनों की मरम्मती चल रही है, उनमें गुणवत्ता का खासतौर से ध्यान रखा गया है या नहीं, इसकी जांच यह टीम करेगी. प्रत्येक उड़नदस्ता दल में अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता और सहायक अभियंता स्तर के अभियंताओं को शामिल किया गया है. नए भवनों में विद्युत कार्यों की जांच के लिए खासतौर से उड़नदस्ता दल को नियुक्त किया गया है. निरीक्षण के दौरान जांच टीम कार्य स्थल से सैंपल एकत्र कर उन्हें अंचल स्तरीय या केंद्रीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजकर जांच करवाएगी. उड़नदस्ता दल में शामिल अधीक्षण अभियंता अपने पदस्थापन अंचल को छोड़कर अन्य किसी भी प्रमंडल की योजनाओं की जांच करेंगे. उड़नदस्ता दल मुख्य अभियंता (गुणवत्ता अनुश्रवण) के नियंत्रण में कार्य करेंगे.

विभाग के अंतर्गत चल रहे सभी निर्माण कार्यों में ईंट, कंक्रीट, बालू, गिट्टी आदि सामाग्रियों की जांच केंद्रीय प्रयोगशाला में कराई जा रही है. इसके लिए प्रयोगशालाओं में 55 से अधिक आधुनिक यंत्रों का उपयोग किया जाता है. ये मशीनें पुरानी, निर्माणाधीन और भविष्य की संरचनाओं के गहन परीक्षण के लिए सक्षम है. विभागीय सचिव कुमार रवि ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चत करने के लिए नई जांच टीम का गठन किया गया है. यह मजबूत, टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण भवनों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. जांच के बाद उड़नदस्ता दल की जांच रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी. उड़नदस्ता दल की ओर से एकत्र सैंपल की जांच अंचल स्तरीय या केंद्रीय प्रयोगशाला में कराई जाएगी. विभागीय स्तर पर चल रहे भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो, इसको ध्यान में रखते हुए समय- समय पर विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं.

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