Patna: राज्य के किसान अब खेती में गुणवत्तापूर्ण बीजों का उपयोग कर रहे हैं. किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हों, इसे राज्य सरकार सुनिश्चित कर रही है। इसके कारण राज्य में कृषि उत्पादन तेजी से बढ़ा है और किसानों की आय में भी वृद्धि हुई है. मंत्री राम कृपाल यादव ने गुरुवार को कहा कि कृषि उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बीज एक अत्यंत महत्वपूर्ण तथा निर्णायक उपादान है. बीज पर ही अन्य सभी कृषि निवेशों की सफलता प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से निर्भर करती है. गुणवत्तायुक्त एवं शुद्ध बीज के बिना उच्च उत्पादन की कल्पना संभव नहीं है. इसलिए बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
सात जिले में कार्यरत है क्षेत्रीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का कृषि विभाग बीज गुणवत्ता नियंत्रण की सुदृढ़ एवं वैज्ञानिक व्यवस्था के साथ कार्य कर रहा है. राज्य में बीज नमूनों की जांच के लिए मजबूत प्रयोगशाला तंत्र विकसित किया गया है. इसके अंतर्गत राज्य स्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला, पटना के साथ-साथ छह क्षेत्रीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाएं भभुआ, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, सहरसा, दरभंगा एवं मोतीहारी में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं. उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य 31 जिलों में जिला स्तरीय बीज विश्लेषण प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं तथा उनके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं. इस प्रकार राज्य के सभी 38 जिलों में बीज नमूनों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को प्रमाणित एवं गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने में व्यापक सहायता मिलेगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को प्रमाणित, शुद्ध एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है. गुणवत्तायुक्त बीज की उपलब्धता से न केवल कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय सुदृढ़ होगी और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलेगी.
