Ranchi: मुआवजा मांग को लेकर घरने पर बैठे पूर्व मंत्री और उनकी पत्नी को हजारीबाग पुलिस हिरासत में लिया है. भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर पिछले 50 दिनों से चल रहे आंदोलन में योगेद्र साव 1 दिसंबर 2025 को अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे थे. योगेद्र साव व उनकी पत्नी को केरेडारी थाना व पगार ओपी पुलिस ने ऋत्विक कोल माइंस कार्यालय के समीप कर्बला स्थित धरनास्थल से हिरासत में लिया है. अन्य चार को भी हिरासत में लिया गया. आरोप है कि उनकी जमीन और फैक्ट्री अधिग्रहित की गई, लेकिन 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप मुआवजा भुगतान नहीं किया गया. आंदोलन के वजह से चट्टी बरियातू कोल माइंस का संचालन पिछले 30 दिनों से ठप पड़ा था. कोयला ट्रांसपोर्टिंग भी करीब 20 दिनों तक बंद रही, जिससे उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई. 19 फरवरी को प्रशासनिक बल की मौजूदगी में माइंस और ट्रांसपोर्टिंग कार्य को पुनः शुरू कराया गया. गुरुवार को दिल्ली से लौटकर धरना स्थल पहुंचे योगेन्द्र साव ने माइंस चालू कराने पर सवाल उठाए. धरना के दौरान प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच कई बार वार्ता हुई, लेकिन समाधान नहीं निकल सका. गिरफ्तारी से पहले पूर्व मंत्री अपनी बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के साथ दिल्ली गए थे. जहां उन्होंने कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी. दिल्ली से लौटकर वे आज चट्टी बरियातू स्थित धरना स्थल पर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया .
