Patna: बिहार पुलिस के सिटीजन पोर्टल को ठगों ने उगाही का जरिया बना लिया है. FIR की कॉपी से मोबाइल नंबर निकालकर फोन किया जा रहा है. और केस में धारा बदलने के नाम पर पैसे मांगते हैं. अरवल पुलिस के पास कई शिकायतें पहुंची हैं. साईबर अपराधी एसबीआरबी (राज्य क्राईम रिकार्ड ब्यूरौ) पोर्टल से FIR का ब्योरा लेकर फोन करके रूपया माँगा जा रहा है. अरवल पुलिस की अपील है कि इस तरह का कोई फोन आने पर उक्त साईबर ठग को रूपया न भेजे, नही तो आप साईबर ठगी के शिकार हो सकते हैं. इस प्रकार के कॉल की शिकायत 1930 पर कॉल कर दर्ज करावें, साथ ही इसकी सूचना अपने नजदीकी थाना को भी दें.
खुद को पुलिस बताकर फोन करते है साईबर अपराधी
किसी मामले में थाने में जब कोई सूचना देता है तो एफआईआर दर्ज होती है. जिसे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) के जरिये ऑनलाइन करना पड़ता है. साथ ही इसे सिटीजन पोर्टल पर भी अपलोड किया जाता है. कोई भी व्यक्ति केवल अपने फोन नंबर से वेरिफिकेशन कराकर उस पोर्टल पर मौजूद किसी भी थाने में दर्ज एफआइआर का ब्योरा ले सकता है. एफआईआर में पीड़ित पक्ष का मोबाइल नंबर भी लिखा होता है. जो ठगों का हथियार बन गया है. ठग फोन कर खुद को संबंधित थाने या एसपी ऑफिस में कार्यरत बताते हैं. एफआईआर की जानकारी देकर भरोसा में लेकर केस कमजोर होने की बात कहते हैं कि इससे आरोपित को मामूली सजा होगी. झांसा दिया जाता है कि अगर रुपये देने को तैयार है तो वह एफआइआर में धाराएं बदल देगा और आरोपित का जेल से निकलने में कठिनाई होगी.
