Patna: म्यांमार में बंधक पटना का युवक को मुक्त करा लिया गया है. पटना पुलिस के सहयोग से म्यांमार स्थित भारतीय दुतावास के द्वारा दिल्ली भेजा गया. जहाँ से पटना पुलिस लाकर अपने घर सकुशल पहुंचा दिया. मामले में पुलिस सीतामढ़ी जिले के सहियारा थाना क्षेत्र स्थित सिंहरहिया फुलपरसी निवासी आरोपी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया है. बंधक बने सचिन कुमार सिंह की बरामदगी के लिये पटना एसएसपी संबंधित दुतावास, इकाई से मदद लेने के लिये पटना साईबर एसपी एवं दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय से पत्राचार कर संपर्क किया. म्यांमार स्थित भारतीय दुतावास से भी पटना पुलिस लगातार सम्पर्क किया. जिनके द्वारा माह जुलाई में बताया गया कि बंधक बने सचिन कुमार सिंह को म्यांमार साईबर स्कैम सेंटर से रेस्क्यू कर म्यांमार मिलिट्री कैंप में सुरक्षित लाकर रखा गया. परिणाम स्वरूप पीड़ित सचिन कुमार सिंह की सकुशल देश वापसी हो सकी.
गिरफ्तार आरोपी के खाते में डाले गये थे रुपये
26 जून को सचिन कुमार सिंह को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर म्यांमार देश बुलाकर वहाँ बंधक बनाने के संबंध में मीना देवी द्वारा दिये गये लिखित आवेदन के आधार पर दानापुर थाना (काण्ड सं0-665/25) में मामला दर्ज किया गया. जिसमें नेपाल निवासी धर्मेन्द्र चौधरी, उसका भाई जितेन्द्र चौधरी, सहाय ग्रुप कंपनी के एचआर और सुनील कुमार को नामजद आरोपी बनाया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी टीम का गठन किया गया. गठित टीम सुनील कुमार को सीतामढ़ी से गिरफ्तार किया. अनुसंधान के क्रम यह तथ्य प्रकाश में आया कि धर्मेन्द्र चौधरी के कहने पर सचिन कुमार सिंह को बंधक से मुक्त कराने के एवज में 1,50000 सुनील कुमार के इण्डियन बैंक खाता में बंधक के भाई साहिल कुमार सिंह द्वारा डाला गया.
12 लाख रूपये का सलाना पैकेज का दिया गया था झांसा
पेशे से कम्प्यूटर इंजिनियर बरामद सचिन कुमार सिंह से पुलिस को पूछताछ में बताया कि कंम्प्युटर से संबंधित काम के लिये एजेंट नेपाल के निवासी धर्मेन्द्र चौधरी यह कहकर ले गया कि आपको 12,00000 रूपये का सलाना पैकेज पर काम दिलवाउँगा. जबकि पीड़ित द्वारा कहा गया कि उनके पास टुरिस्ट वीजा है, तो मुझे वहाँ काम कैसे मिलेंगा. तब धर्मेन्द्र चौधरी द्वारा आश्वासन दिया गया कि मैं म्यांमार के मियाबड़ी में वर्क वीजा उपलब्ध करा दूंगा. जिससे तुम्हे कोई परेशानी नहीं होगी. झांसे में आकर सचिन कुमार सिंह जाने के लिये तैयार हो गये, तब सचिन कुमार सिंह को पटना से हवाई जहाज के रास्ते कोलकत्ता एवं कोलकत्ता से बैंकॉक ले जाया गया. पुनः बैंकॉक से करीब 12 घंटा का रास्ता तय कर कार में बैठाकर म्यांमार (बर्मा) ले जाया गया. जहाँ सहाय ग्रुप कंपनी में करीब तीन माह काम करने के बाद सचिन कुमार सिंह को म्यांमार में ही साईबर स्कैम सेंटर में बंधक बना लिया गया. तथा इनका मोबाईल एवं पासपोर्ट भी जब्त कर लिया गया. एवं इनसे जबरन स्कैम का काम करने के लिये इलेक्ट्रिक करंट सॉर्ट देकर एवं अन्य तरह से प्रताडित एवं मारपीट किया जाने लगा. सचिन कुमार सिंह द्वारा साईबर स्कैम का काम करने से मना करने पर रूम में बंधक बना दिया गया तथा मारपीट का फोटो इनके भाई साहिल को भेजकर पैसे की मांग किया जाने लगा. तथा उनलोगो के द्वारा तरह-तरह की धमकी देकर सचिन कुमार सिंह के शरीर का अंग बेचने की मैसेज किया जाने लगा.
