Ranchi: झाऱखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा शनिवार को चाईबासा पहुंची. उन्होने कहा नक्सल उन्मुलन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को चाईबासा जिला के सांरडा क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है. झारखण्ड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ एवं झारखण्ड जगुआर के सुरक्षा बलों के द्वारा सभी नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई की जा रही है. चाईबासा जिले में सम्पूर्ण नक्सल उन्मूलन के लिए लगातार अभियान संचालित हो रहे है. इसी क्रम में विगत तीन वर्षों में कुल 183 नफ्यालियों को जेल भेजा गया है. तथा मुठभेड़ में 11 नक्सली मारे गए है. 22-23 जनवरी को मुठभेड़ के दौरान 17 नक्सली मारे गए हैं. इसके अतिरिक्त भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार गोली तथा नक्सलियों द्वारा उपयोग लाये जाने वाले अन्य सामान भी बरामद किया गया है. मुठभेड़ में ढ़ेर नक्सलियों में से पांच नक्सली पर ईनाम घोषित था. अनल, अनमोल और अमित मुंडा के विरुदध झारखंड के अलावे उड़ीसा में भी ईनाम घोषित था. केन्द्रीय कमिटि सदस्य अनल उर्फ पतिराम मांझी के विरुद्ध झारखंड में 1 करोड़, उड़ीसा में 1.20 करोड़ और एनआईए ने 15 लाख का ईनाम घोषित किया था. अनल के विरुद्ध 149 मामले दर्ज है. अनमोल उर्फ सुशांत के विरुद्ध झारखंड में 25 लाख, उड़ीसा में 65 लाख का ईनामी था. अनमोल के विरुद्ध 149 मामले दर्ज है. अमित मुण्डा के विरुद्ध झारखंड में 15 लाख, उड़ीसा में 43 लाख और एनआईए ने 4 लाख ईनाम घोषित किया था. अमित मुंडा के विरुद्ध 96 मामले दर्ज है. पिन्टु लोहरा के विरुद्ध झारखंड में 5 लाख का ईनाम घोषित था. पिन्टु लोहरा के विरुद्ध 47 मामले दर्ज है. लालजीत उर्फ लालु के विरुद्ध झारखंड में 5 लाख ईनाम घोषित था. सर्च के दौरान 4 एके, एकेएम, 4 इंसास, 3 एसएलआर, .303 का 3 रायफल, गोली और अन्य दैनिक उपयोग की सामान पुलिस ने बरामद किया है.
चाईबासा जिला में उग्रवादी गतिविधि पर अंकुश लगाने के लिए उग्रवाद प्रभावित थाना क्षेत्र के आम जनमानस के बीच सुरक्षा भाव भाव को बनाये रखने के लिए विगत 23 वर्षों में नये सुरक्षा कैम्पों का भी अधिष्ठापन किया गया है, जिसके परिणाम स्वरूप नक्सलियों का दायरा सिमटता जा रहा है. 22-23 जनवरी को संचालित किये गये अभियान मेद्याबुरू से माओवादी संगठन को गहरा झटका लगा है तथा इसके बाद सारंडा क्षेत्र इलाके में नक्सल गतिविधियों में निश्चित रूप से कमी आएगी. झारखँड पुलिस नक्सल गतिविधियों में सम्मलित सभी व्यक्तियों से अपील करती है कि वे झारखण्ड सरकार के आकर्षक प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएँ तथा समाज की मुख्य धारा से जुड़े.
सटीक सूचना पर चलाया गया ऑपरेशन में मारे गए नक्सली

डीजीपी ने कहा भाकपा माओवादी के नक्सली संगठन के शीर्ष नेता मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन अपने दस्ता सदस्यों के साथ सारंडा क्षेत्र में पुलिस एवं सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने तथा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए लगातार भ्रमणशील है. इस दस्ते पर प्रभावी कार्रवाई के लिए समय-समय पर प्राप्त आसूचना के आधार पर झारखण्ड पुलिस, कोबरा, सीआरपीएफ एवं झारखण्ड जगुआर इत्यादि बलो द्वारा अभियान संचालित किया जाता है. इसी क्रम में चाईबासा एसपी को सटीक सूचना प्राप्त हुई कि प्रतिबंधित माओवादी नक्सली संगठन के शीर्ष नक्सली अनल एवं अनमोल के दस्ता सदस्यों के साथ छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह तथा बहदा गाँव के आस-पास के जंगल में सुरक्षा बलों को लक्षित कर कुछ अप्रिय घटना कारित करने के लिए भ्रमणशील है. आसूचना के सत्यापन के लिए झारखण्ड पुलिस एवं कोबरा 209 BN की संयुक्त टीम गठन कर एक विशेष अभियान प्रारंभ किया गया. अभियान के क्रम में छोटानागरा थाना क्षेत्र के वनग्राम कुमडीह के जंगल में संयुक्त बलों की टीम ने एक साथ समन्वय स्थापित कर नक्सली संगठन के शीर्ष नेता अनल उर्फ पतिराम मांझी का सशस्त्र दस्ता के साथ 22 एवं 23 जनवरी को लगातार कई बार मुठभेड़ हुई. नक्सलियों द्वारा पुलिस को नुकसान पहुंचाने हेतु अंधाधुन गोलीबारी की गई. आत्मरक्षार्थ सुरक्षा बलों के द्वारा भी जवाबी कार्रवाई करते हुए अदम्य साहस एवं धैर्य का परिचय दिया गया. उक्त मुठभेड़ के उपरांत सभी एसओपी का अनुपालन करते हुए सर्च अभियान चलाया गया, जिसमें अबतक 17 नक्सलियों के मृत शव एवं भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किये गये हैं.
सर्च अभियान के दौरान अबतक पहचान किये गये मारे गए नक्सली
मृत नक्सलियों में गिरीडिह जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र के झरहा निवासी अनल उर्फ पतिराम मांझी, बोकारो जिले के नावाडीह थाना क्षेत्र के बंसी टोला निवासी, रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र के तमराना निवासी अमित मुण्डा, सोनाहातू थाना क्षेत्र के बारीसालडीह निवासी पिन्टु लोहरा, चाईबासा जिले के किरीबुरु थाना क्षेत्र के धारणादिरी निवासी लालजीत उर्फ लालु, तांतनगर थाना क्षेत्र के ईलीगढ़ा निवासी बुलबुल अलदा, गोईलकेरा थाना क्षेत्र के ईचागोड़ा निवासी पुर्णिमा, बोईपाई ससांग निवासी जोंगा, खूंटी जिले क अड़की थाना क्षेत्र के माईलपिड़ी निवासी राजेश मुंडा, सरायकेला जिले के कुचाई थाना क्षेत्र के कोरर्रा निवासी बबिता, सुरजमुनी, चाईबासा जिले के गोईलकेरा थाना क्षेत्र के बोईपाई सरसंग निवासी जोगा, कसीजात निवासी सोमबारी पूर्ति, सोमा होनहागा, मुक्ति होनहागा और सरिता का नाम शामिल है.
