Patna: राज्य में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत दिव्यांग बच्चों का नामांकन अब निजी विद्यालयों में भी होगा. इसको ध्याम में रखते हुए बुधवार को समाज कल्याण विभाग की सचिव बन्दना प्रेयषी और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ बी. राजेन्दर ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि निहित प्रावधान के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों का निजी विद्यालयों में नामांकन के लिए विशेष पहल की जाएगी.
इस क्रम में अपर मुख्य सचिव डॉ बी. राजेन्दर ने प्राथमिक शिक्षा के निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का निर्देश दिया. यह समिति राज्य के निजी विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के नामांकन सुनिश्चित करने के लिए उठाये जाने वाले कदमों पर सुझाव देगी. इसके साथ ही उन्होंने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने, निजी विद्यालय संघ प्रतिनिधियों के साथ संबंधित विषय पर तुरन्त बैठक करने का निदेश दिया.
इससे पूर्व समाज कल्याण विभाग की सचिव बन्दना प्रेयषी की ओर से दिव्यांग बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने में आ रही चुनौतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गयी. उनके माध्यम से ऐसे बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में निजी विद्यालयों में दिव्यांग छात्र-छात्राओं के नामांकन एवं पठन-पाठन के लिए विभिन्न सुझाव भी दिये. इसी क्रम में उन्होने कहा कि दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से यथासंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा.
बैठक में दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के निदेशक योगेश कुमार सागर, प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर समेत अन्य पदाधिकारीगण मौजूद थे.
