Patna: भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति के तहत बिहार सरकार अब राज्य के सभी नगर निकायों की ऑडिट महालेखाकार (सीएजी) से कराएगी. इसकी घोषणा राज्य के उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मंगलवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की. उन्होंने कहा कि ऑडिट में गड़बड़ी पाए जाने पर जवाबदेह कार्यपालक पदाधिकारियों (ईओ) और अभियंताओं पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी. उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा मंगलवार को अपनी सरकार के सौ दिन पूरे होने पर उसकी उपलब्धियों की चर्चा कर रहे थे. इस मौके पर विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी मौजूद थे.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में यह पहला मौका है जब नगर निकायों की ऑडिट महालेखाकार से कराने का फैसला लिया गया है. उन्होंने कहा कि अबतक नगर निकायों की ऑडिट चार्टर एकाउंटेंट के द्वारा कराई जाती रही है. सीएजी के द्वारा ऑडिट कराए जाने से नगर निकायों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आएंगे. जिससे जिम्मेदार पदाधिकारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो सकेगी.
उन्होंने कहा कि बिहार तेजी से बदलते विकास के परिदृश्य के बीच शहरीकरण की नई संभावनों के द्वार खोल रहा है. वर्तमान में बिहार की 15.6 प्रतिशत आबादी ही शहरी क्षेत्रों में निवास करती है. जो राष्ट्रीय औसत 36 प्रतिशत से काफी कम है. उन्होंने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले दिनों राज्य में 11 नए टाउनशिप विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की है. इन टाउनशिप में नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों के साथ-साथ सीतामढ़ी और सोनपुर को भी शामिल किया गया है. जिससे संतुलित एवं योजनाबद्ध शहरी विकास को गति मिल सके. उन्होंने कहा कि सरकार शहरी स्वच्छता और कर प्रणाली में भी व्यापक सुधार ला रही है.
नगर निकायों को 30 दिनों में स्वच्छता और टैक्स व्यवस्था में सुधार करने का निर्देश जारी कर दिया गया है. ताकि सड़कों की नियमित सफाई और कचरे का प्रबंधन किया जा सके. साथ ही, मानसून से पहले राजधानी पटना सहित राज्य के सभी बड़े शहरों में बड़े नालों की मशीनीकृत सफाई सुनिश्चित कराई जा रही है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी अभियान के तहत डोर टू डोर कचरा उठाव के निर्देश सभी नगर निगमों को दिए गए हैं. कचरा उठाव के वाहन हर घर तक समय पर पहुंचे, इसकी निगरानी के लिए कई शहरों में जीपीएस ट्रेकिंग सिस्टम को मजबूत किया गया है.
सभी नगर निकायों में ऑनलाइन पास होंगे नक़्शे
विजय सिन्हा ने कहा कि अब राज्य के सभी नगर निकायों में घर बनाने के लिए नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाया जा रहा है. ताकि आमजनता को नक्शा पास कराने के लिए नगर निगम के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ें. इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी. फिलहाल यह व्यवस्था केवल पटना नगर निगम में ही है.
अवैध होर्डिंग और पार्किंग पर होगी सख्त कार्रवाई
श्री सिन्हा ने कहा कि राज्य के सभी 19 नगर निगमों में विशेष अभियान चलाकर अवैध पार्किंग और अवैध होर्डिंग्स हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है. उन्होंने कहा कि पटना नगर क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स को हटाने का सख्त निर्देश जारी कर दिया गया है. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि हाईकोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर उन सभी अवैध पार्किंग और होडिंग्स को 24 घंटे के अंदर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. साथ ही इससे अवैध कमाई करने वालों को भी चिन्हित करके उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि शव वाहनों से अब किसी भी पार्किंग में शुल्क नहीं जाएगा.
नगर विकास मंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नल जल योजना के तहत पाइपलाइनों की मरम्मत और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के लिए विभाग ने विशेष टीम गठित करने के निर्देश जारी किये हैं. उन्होंने कहा कि शहरीकरण को संतुलित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लोगों को शहरों से दूर रखने की बजाय विकास की सुविधाओं को उनके मौजूदा निवास स्थान तक पहुंचाना जरुरी है.
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को मिली गति
श्री सिन्हा ने कहा कि पटना, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ और भागलपुर में चल रहे स्मार्ट सिटी की परियोजनाएं जैसे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट रोड व वेंडिंग जोन के काम जो धीमी गति चल रहे हैं उन्हें इस साल अक्टूबर तक पूर्ण करने का टास्क संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों को दे दिया गया है. ताकि कहीं भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो.
भूतनाथ रोड से मलाही पकड़ी मेट्रो का परिचालन एक माह में
एक सवाल के जवाब में नगर विकास मंत्री श्री सिन्हा ने कहा कि पटना मेट्रो के प्राथमिकता वाले भूतनाथ रोड से खेमनीचक होते हुए मलाही पकड़ी खंड पर मेट्रो रेल का परिचालन एक महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि पटना मेट्रो के लिए निर्माणाधीन भूमिगत स्टेशनों से मेट्रो का पूर्ण रूप से परिचालन वर्ष 2030 तक शुरू हो जाने की संभावना है.
