Patna: बिहार में नवीकरणीय ऊर्जा को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) के निदेशक मीर मोहम्मद अली की अध्यक्षता में गुरुवार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. विद्युत भवन स्थित सभागार में आयोजित इस बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार एवं नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार उपस्थित थे. गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करने पर  सरकार द्वारा अनुदान प्रदान किया जा रहा है.

अनुदान (सब्सिडी) का विवरण:

1 किलोवाट से 2 किलोवाट तक क्षमता: 30,000/- प्रति किलोवाट

3 किलोवाट अथवा उससे अधिक क्षमता: 78,000/- (अधिकतम निर्धारित)

साथ ही, ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर (GCRT) की स्थापना के लिए उपभोक्ताओं को 5.75 फीसदी की आकर्षक ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही.

आपसी समन्वय से समय पर पूरे होंगे योजनाओं के लक्ष्य: निदेशक

बैठक में एमएनआरई निदेशक मीर मोहम्मद ने कहा कि आम उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता और भरोसा दोनों मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार, डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थान और वेंडर आपसी समन्वय से योजनाओं के लक्ष्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से हासिल करेंगे.

बैंकों को आवेदन के त्वरित निष्पादन के निर्देश

समीक्षा बैठक के दौरान बैंकिंग और वेंडर प्रक्रियाओं में आ रही चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. एमएनआरई निदेशक ने लोन प्रोसेसिंग में देरी और सब्सिडी की दूसरी किश्त के भुगतान में विलंब जैसी समस्याओं को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए. उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों को सौर ऊर्जा से संबंधित सब्सिडी आवेदनों की अस्वीकृति दर को कम करने के निर्देश दिये, ताकि उपभोक्ताओं को योजनाओं का पूरा लाभ समय पर मिल सके.

उपभोक्ता हितैषी हैं योजनाएं: निदेशक

नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार ने बताया कि अब तक दक्षिण बिहार में करीब 9,885 और उत्तर बिहार में 4,715 घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि डिस्कॉम की ओर से 10 किलोवाट तक टेक्निकल फिजिबिलिटी शुल्क माफ करना, ऑटो लोड एन्हांसमेंट और नेट मीटरिंग के लिए शुल्क नहीं लेना जैसी कई उपभोक्ता-हितैषी पहल की गई हैं. इन योजनाओं से न केवल बिजली की लागत में कमी आएगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज होगी.

बिहार में तेज हो रहा है स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार: प्रबंध निदेशक  

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार ने कहा कि पीएम सूर्य मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना से बिहार में स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार तेज हो रहा है एवं उपभोक्ताओं को भी आर्थिक लाभ हो रहा है.

हरित ऊर्जा में अग्रणी हो रहा देश

गौरतलब है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम कुसुम योजना भारत की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं हैं, जिनका उद्देश्य देश को स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है.

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