Patna: कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा 28-29 जून को पटना के ज्ञान भवन में “आम महोत्सव-2025” का आयोजन किया जा रहा है. इस दो दिवसीय कार्यक्रम में आम खाओ और इनाम पाओ सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है. साथ ही विजयी प्रतिभागियों को आकर्षक इनाम भी दिया जाएगा. इस दौरान आमलोगों के लिए प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी. इसमें पंजीकरण और प्रवेश पूरी तरह से नि:शुल्क है.
इस आम महोत्सव का मुख्य आकर्षण आम की विभिन्न प्रजातियों का प्रदर्शन, आम एवं आम से निर्मित खाद्य सामग्रियों के विपणन पर चर्चा, आम आधारित रोचक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता, आम में नक्काशी प्रतियोगिता, 5-10 साल के बच्चों के लिए आम खाओं इनाम पाओं प्रतियोगिता, 4-8 वर्ग के बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, नवीनतम तकनीक से आम की उन्नत खेती पर चर्चा जैसे कार्यक्रम होंगे. यहां होने वाली प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे.

किसानों के लिए इन श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता

महोत्सव में किसानों के लिए 7 तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी. जिनके वर्ग क्रमश: अगात किस्में, मध्यकालीन किस्में, पिछात किस्में, संकर किस्में, बीजू आम, घरेलू संस्थाओं और उद्यमियों द्वारा बनाए गए आम के संरक्षित उत्पाद, कल्मी आम के पौधे और विनियर ग्राफ्टिंग द्वारा तैयार श्रेणी होगी.

प्रदर्शनी में देखें बिहार के इन आमों को

इस महोत्सव में बिहार में मौजूद आमों की विविधता को भी देखा जा सकता है. यहां लगने वाली प्रदर्शनी में बिहार में पाये जाने वाले मालदह, जर्दालू, गुलाबखास, जर्दा बंबई, लंगड़ा, दशहरी, कृष्णभोग, अल्फांजो, हुस्नेआरा, बेनजीर, फजली, सीपिया आदि आमों को देखा जा सकता है.

ऑनलाइन करें आवेदन

इसमें होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के लिए ऑनलाइन आवेदन 26 जून 2025 तक वेबसाइट www.horticulture.bihar.gov.in पर कराया जा चुका है. वहीं प्रदर्शों की प्रविष्टि 27 जून को सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी. राज्य स्तरीय आम महोत्सव 2025 के लिए पंजीकरण एवं विशेष जानकारी इसी वेबसाइट से ली जा सकती है.

इस थीम पर होगा आम महोत्सव

बिहार सरकार के कृषि विभाग का उद्यान निदेशालय आम उत्पादन और संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विगत कई वर्षों से आम महोत्सव का आयोजन करता आ रहा है. इस वर्ष के आयोजन की थीम है – “पुराने बागों का जीर्णोद्धार, भावी पीढ़ियों का उपहार”. बिहार सरकार के इस अनूठे प्रयास से न केवल आम उत्पादकों को प्रोत्साहन मिलेगा. बल्कि राज्य के बागवानी क्षेत्र में नवाचार और प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा.

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