Ranchi: खूंटी के विभिन्न थाना क्षेत्र में अफीम की खेती करने वाले 11 आरोपी को पुलिस गिरफ्तार किया है. खूँटी पुलिस अवैध अफीम की खेती करने वाले के विरुद्ध लगातार कारवाई कर रही है. अबतक लगभग 3000 एकड़ में लगे अवैध अफीम के पौधों को विनष्ट किया गया है. इसी क्रम में 3-4 फरवरी को अवैध अफीम की खेती के विरूद्ध जारी कारवाई में विभिन्न थाना क्षेत्र से 11 आरोपी को अफीम की खेती करते हुए पकड़ा गया. खूँटी थाना पुलिस ने पंडया मुण्डा, जीतू उरॉव और देवेन्द्र पातर को, मुरहू थाना पुलिस ने सुरेन्द्र नायक और जकारियस बोदरा को अङकी थाना पुलिस ने बगराय मुण्डा और सिरित तिडू को मारंगहादा थाना पुलिस ने जोटो मुण्डा, बोड़ा मुण्डा, दर्शय मुण्डा और चमर सिंह टूटी को गिरफ्तार किया है.
मंगलवार को घटना की जानकारी देते हुए खूंटी एसपी अमन कुमार ने बताया कि 11 दिसम्बर से अवैध अफीम की खेती के विरुद्ध की गई अबतक की कारवाई में 3611.74 एकड़ फसल नष्ट किया गया है. वही विभिन्न थाना क्षेत्रों के ग्रामीणों ने भी करीब 500 एकड़ अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया है.
एसपी दलबल के साथ ट्रेक्टर लेकर पहुंचे खेत, 20 एकड़ अफीम किया गया नष्ट
खूँटी एसपी अमन कुमार के नेतृत्व में जिले के कुंदी गांव में बड़े पैमाने में अफीम के फसल को नष्ट किया गया. एसपी अमन कुमार खुद दलबल के साथ साथ 3 ट्रैक्टरों को लेकर गाँव पहुँचे और करीब 20 एकड़ में लगे अफीम के फसल को नष्ट किया.
खूँटी पुलिस की अपील
झारखण्ड पुलिस आम जनता से अपील करती है कि वे अफीम की खेती के खिलाफ सहयोग करें. अफीम की खेती किए जाने से भूमि की उर्वरा शक्ति खत्म होती है तथा जल स्त्रोत दूषित होता है, इससे मानव जीवन और मानव स्वास्थय पर गंभीर रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. अफीम की खेती करने वालों के विरुद्ध एनडीपीएस एवं पीटीएनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कारवाई का प्रावधान है. अफीम की खेती करने पर 20 वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा एवं भारी जुर्माना हो सकता है. अफीम की खेती, परिवहन एवं दुरूपयोग से निपटने के लिए इस गतिविधि में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कारवाई की जाएगी तथा उनकी अर्जित अवैध संपत्ति को भी जप्त किया जाएगा. अफीम की खेती कर रहे लोगों से अपील है कि वे स्वयं अफीम के पौधों को नष्ट करें. अन्यथा पुलिस के द्वारा नष्ट किए जाने पर जमीन मालिक की गिरफतारी की जाएगी.
