Patna: वर्षों से बंद मढ़ौरा चीनी मिल को पुनः चालू के लिए राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल अब धरातल पर दिखाई पड़ने लगा है. तमिलनाडु के निवेशकों ने रविवार को सारण जिले में स्थित बंद मढ़ौरा चीनी मिल का निरीक्षण किया. मिल परिसर की वर्तमान स्थिति और वहां उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं का जायजा लिया। इसके बाद गन्ना किसानों से वहां की समस्याओं पर चर्चा की.

विदित हो कि राज्य सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को चालू कराने के साथ ही राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है. इसको लेकर गन्ना उद्योग विभाग भी सक्रिय हो गया है. बताया जाता है कि राज्य सरकार की पहल पर तमिलनाडु के एसएनजे ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एस एन जयमुरुगन, अध्यक्ष सेल्वा कुमार, उपाध्यक्ष कृष्ण और ग्रुप ऑडिटर बिमलेंद्र मिश्रा ने गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बंद पड़ी मढ़ौरा चीनी मिल का निरीक्षण किया. वर्तमान स्थिति का आकलन किया. दौरे के क्रम में प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के किसानों से मुलाकात कर गन्ना उत्पादन से जुड़े विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की तथा खेतों में गन्ना फसल की स्थिति का अवलोकन किया.

गौरतलब हो कि सारण जिले में स्थित मढ़ौरा चीनी मिल देश और बिहार का पहला चीनी है, जिसकी स्थापना 1904 में ब्रिटिश सरकार ने की थी. बताया जाता है कि 90 के दशक में यह चीनी मिल बंद हो गई. धीरे धीरे इस मिल के सभी उपकरण बर्बाद हो गए. राज्य सरकार के पहल से एक बार फिर इस मिल के खुलने की उम्मीद जग गयी है. निवेशकों के निरीक्षण के दौरान सहायक ईखायुक्त वेदव्रत कुमार एवं ईख पदाधिकारी कोमर कानन भी मौजूद रहे. बताते चलें कि राज्य सरकार के सात निश्चय–3 के अंतर्गत ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में गन्ना उद्योग विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. मढ़ौरा चीनी मिल का यह निरीक्षण राज्य में चीनी उद्योग के पुनर्जीवन तथा निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *