Ranchi: रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रज्ञा केंद्रों (सीएससी केंद्रों) को नवीनतम तकनीकी उन्नयनों के अनुरूप अपग्रेड करने और इससे आम जनता को सीधा लाभ पहुंचाने की रणनीतियों पर चर्चा करना था. बैठक में उपायुक्त ने वीएलईज को संबोधित करते हुए कहा कि प्रज्ञा केंद्रों को आधुनिक बनाना आवश्यक है, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की जनता को सरकारी सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सके. उन्होंने जोर देकर कहा कि नई तकनीकों जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन, और क्लाउड-बेस्ड सिस्टम को अपनाकर केंद्रों की दक्षता बढ़ाई जा सकती है. इससे न केवल सेवाओं की डिलीवरी तेज होगी, बल्कि पारदर्शिता और पहुंच में भी सुधार होगा.

बैठक के दौरान प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा

प्रज्ञा केंद्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल पेमेंट गेटवे, और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन सिस्टम को लागू करने को लेकर निर्देश दिया वीएलईज को निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रज्ञा केंद्रों को 5G रेडी बनाने के लिए आवश्यक उपकरण अपडेट करें. केंद्रों के माध्यम से आधार अपडेट, पैन कार्ड जारी करना, बिल पेमेंट, ऑनलाइन आवेदन, और राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार की योजनाओं जानकारी और आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाना. इससे समय और धन की बचत होगी, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोग दूर-दराज के सरकारी कार्यालयों तक जाने से बच सकेंगे.

उपायुक्त ने बैठक में भाग लेने वाले सभी वीएलईज से कहा, “प्रज्ञा केंद्र डिजिटल भारत की रीढ़ हैं. आप सभी की मेहनत से हम जिले की जनता को सशक्त बना सकते हैं. नई तकनीकों को अपनाकर हम सेवाओं को अधिक समावेशी और कुशल बना सकते हैं.” उन्होंने वीएलईज से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अधिक से अधिक लोग इन केंद्रों का लाभ उठा सकें.

यह बैठक राँची जिला प्रशासन की डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. जिले में सैकड़ो प्रज्ञा केंद्र संचालित हैं, जो लाखों लोगों को दैनिक सेवाएं प्रदान करते हैं. उपायुक्त ने आगामी महीनों में इसी प्रकार की फॉलो-अप मीटिंग्स आयोजित करने की योजना भी साझा की.

उपायुक्त ने बैठक में सभी जिले के सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (वीएलई) को निर्देश देते कहा की किसी भी प्रज्ञा केंद्रों को गलत चीजों में शामिल नहीं होना हैं, अगर कोई ऐसा करता हैं, तों इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को देना हैं. उन्होंने विशेष रूप से कहा की इन एक़ वर्षों में जिला प्रशासन द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं, जिसमें 10 डिसमिल जमीन का दाखिल ख़ारीज के लंबित मामलों का बड़ी संख्या में निष्पादन किया गया हैं, भूमि सम्बंधित मामलें में अधिकांश वैसे मामलें लंबित हैं, जो विभिन्न न्यायालयों में या उसमें विवाद चल रहा हैं. अभी जन शिकायत और पारदर्शिता पर जिला प्रशासन ने बहुत जोर दिया हैं. जन समस्या के निदान के लिए जिला प्रशासन ने 9430328080 अबुआ साथी शुरू किया हैं, जिसमें लंबित शिकायतों का त्वरित गति से समाधान किया जा रहा हैं, अब इसे तकनीकी रूप से और उन्नत करते हुए अबुआ साथी डैशबोर्ड का भी निर्माण किया गया हैं. जिससे ऑनलाइन शिकायत दर्ज किया जा सकता हैं, जो बहुत आसान हैं. हर दिन ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से आम लोगों की शिकायत प्राप्त होती रहती हैं. जिसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाती हैं. जिसकी समीक्षा की जाती हैं, तत्काल समाधान होने वाली शिकायतों का त्वरित निष्पादन कर दिया जाता हैं, बाकी शिकायतों को कार्रवाई के लिए सम्बंधित पदाधिकारियों को निष्पादन के लिए भेज दिया जाता हैं.

प्रखण्डवार वार्डवार (शहरी) अबुआ व्हाट्सएप ग्रुप

उपायुक्त ने बैठक में बताया की जिला प्रशासन द्वारा अबुआ व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हैं, जिसमें प्रखंड के सभी कर्मी, पत्रकार एवं मुखिया, जी.प., वार्ड सदस्य, स्थानीय पत्रकार एवं आम नागरिक जुड़े हैं, जिनके द्वारा प्रखंड एवं वार्ड से सम्बंधित शिकायत साझा करने पर कार्रवाई के लिए सम्बंधित पदाधिकारी को भेज दिया जाता हैं. ताकि समस्या का निष्पादन किया जा सकें. उपायुक्त ने जिला के सभी प्रज्ञा केंद्र के संचालकों से क्रमवार बात करते हुए उनकी समस्या को सुनते हुए सम्बंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया.

बिना कोई कारण कोई प्रखंड/अंचल कार्यालय द्वारा किसी प्रकार का प्रमाण पत्र रिजेक्ट एवं तय सीमा से ज्यादा लंबित रखने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश

प्रज्ञा केंद्रों के द्वारा अप्लाई किए आवेदन जाति/आवासीय/आय एवं अन्य प्रमाण पत्र बिना कोई कारण के कोई प्रखंड/अंचल कार्यालय द्वारा किसी प्रकार का प्रमाण पत्र रिजेक्ट या तय सीमा से ज्यादा लंबित रखने पर उपायुक्त ने गंभीरता पूर्वक संज्ञान लेते हुए कहा की बिना वैध कारण के किसी प्रकार सर्टिफिकेट रिजेक्ट करने एवं तय सीमा से लंबित रखने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिया.

उपायुक्त ने सम्बंधित पदाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा की नए प्रज्ञा केंद्रों के लिए जिन्होंने आवेदन दिया हैं, उनके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए सभी प्रक्रिया को जल्द पूरा करें। साथ ही इसकी सूचना भी दे.

उपायुक्त ने कहा की प्रज्ञा केंद्र यह सुनिश्चित करें की कोई दस्तावेज गलत अपलोड ना करें, ताकि गलत प्रणाम पत्र नहीं बनाया जा सकें. सभी प्रज्ञा केंद्र यह सुनिश्चित करें की कोई फर्जी कागजात अपलोड करें. पारदर्शिता के लिए प्रज्ञा केंद्र की भूमिका और उनकी सहभागिता भी काफ़ी महत्वपूर्ण हैं. सभी प्रज्ञा केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी लाभुकों को जरूर दे. ताकि राज्य के लोग इसका फायदा आम लोगों को मिल सकें. साथ ही प्रज्ञा केंद्र वालों को अबुआ साथी के बारे में भी आम लोगों को जानकारी देने को कहा गया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


You missed