Ranchi:  जैप, आईआरबी व एसआईआरबी की 212 महिला पुलिसकर्मियों का सभी जिलों में पदस्थापन संबंधित चल रहे विवाद के बीच थानों में मुंशी का कार्य करने के लिये विभिन्न वाहिनियों से प्रतिनियुक्त महिला आरक्षियों को विरमित नहीं का निर्देश दिया गया है. एडीजी प्रिया दुबे ने इसको लेकर जैप, आईआरबी, एसआईआरबी के समादेष्टा को पत्र भेजा गया है. पत्र के अनुसार झासपु, आईआरबी एवं एसआईआरबी वाहिनियों से राज्य के थानों में मुंशी का कार्य लिये जाने के निमित किये गये प्रतिनियुक्ति आदेश पर डीआईजी (कार्मिक) को पत्र प्रेषित किया गया है. उक्त के आलोक में सभी समादेष्टा को सख्त निर्देशित किया जाता है कि निराकरण तक थानों में मुशी का कार्य करने के लिये झासपु, आईआरबी एवं एसआईआरबी वाहिनियों से प्रतिनियुक्त महिला आरक्षियों को विरमित/ समादेशित नहीं करेंगे.

212 महिला पुलिसकर्मियों का सभी जिलों में पदस्थापन को लेकर पुलिस मुख्यालय ने दिया था आदेश

जैप, आईआरबी व एसआईआरबी की 212 महिला पुलिसकर्मियों का सभी जिलों में पदस्थापन को लेकर पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जैप की एडीजी प्रिया दुबे ने की आपत्ति जताई थी. इसके बाद जैप, आइआरबी व एसआइआरबी की 212 महिला पुलिसकर्मियों का राज्य के थानों में मुंशी के पद पर पदस्थापन का मामला अटक गया है. एडीजी ने पुलिस मुख्यालय के आदेश को नियम विरुद्ध बताते हुए इसका विरोध किया है. उक्त आदेश को न सिर्फ रद्द करने की मांग की है, बल्कि यह भी लिखा है कि इस आदेश का अनुपालन संभव नहीं है. एडीजी का कहना है कि पदस्थापन के पूर्व न तो उनकी सहमति ली गई और न ही इसके लिए गठित बोर्ड को ही इसकी जानकारी दी गई. उन्होंने अपने पत्र में यहां तक लिखा है कि इस तरह का आदेश पूर्व के किसी भी डीजीपी ने जारी नहीं किया है. अब तक जो नियम रहा है, उसके अनुसार अपराध नियंत्रण के लिए सशस्त्र बल के जवानों को ही सिर्फ प्रतिनियुक्त किया जाता रहा है. जैप, आईआरबी, एसआईआरबी के पुलिसकर्मियों को जिलों में स्थानांतरण के लिए 28 जनवरी 2025 को एडीजी जैप ने ही एक बोर्ड बनाया था. इस बोर्ड का भी अनुमोदन लिए बगैर इन इकाइयों की महिला पुलिसकर्मियों का जिलों में पदस्थापन संबंधी आदेश जारी कर दिया गया. यह अनुचित है. एडीजी जैप ने पुलिस मुख्यालय को अपने उक्त आदेश को रद्द करने की मांग की है और लिखा है कि उक्त आदेश का अनुपालन संभव नहीं है. अपने इस निर्णय से प्रिया दुबे ने डीआईजी कार्मिक को भी अवगत करा दिया है. उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि पूर्व में स्थापित परिपाटी व नियमों के अनुसार कभी भी पुलिस मुख्यालय से थाने के मुंशी की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई. ये एसपी की जिम्मेदारी रही है.

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