Patna: केंद्र सरकार देश भर में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के तहत एक लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र को बीमा सुरक्षा देने जा रही है. इसी कड़ी में मीठे जल में देशी मछली पालने वाले मत्स्य पालकों के लिए एनएफडीपी पोर्टल पर जल कृषि बीमा योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया है. सरकार की इस पहल से मीठे जल में देशी मछली जैसे कतला, कॉमन कार्प, मृगल, रोहु, सिल्वर कार्प आदि पालने वालों मछली पालकों का सशक्तिकरण होगा और अंतत: मछली पालकों की आय में वृद्धि होगी.
इस योजना से एक्वाकल्चर किसानों, मत्स्य पालकों, केजकल्चर संबंधित मत्स्य कृषकों, स्वयं सहायता समूहों, सहकारी संस्थाओं सहित मछली पालन करने वाले सुक्ष्म एवं लघु उद्यमियों को प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि -सह- योजना के तहत बीमा योजना का लाभ मिलेगा. इसका लाभ उठाने के लिए मत्स्य कृषकों को एनएफडीपी पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है. योजना के बारे में विस्तृत जानकारी जिलों के जिला मत्स्य कार्यालयों से प्राप्त की जा सकती है.

दो प्रकार के बीमा का विकल्प रहेगा उपलब्ध

इस योजना में दो प्रकार के बीमा – मूलभूत बीमा और व्यापक बीमा का विकल्प उपलब्ध है. मूलभूत बीमा बाढ़, चक्रवात, प्रदूषण, सूखा एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सुरक्षा प्रदान करता है. वहीं व्यापक बीमा बेसिक इंश्योरेंस के अंतर्गत आने वाले जोखिमों के साथ-साथ मछलियों में रोगों आदि के कारण उत्पन्न अतिरिक्त जोखिमों को भी कवर किया जाता है.
जिन कृषकों के द्वारा बीमा प्रीमियम राशि का भुगतान कर बीमा पॉलीसी खरीदी गई हो, वैसे कृषकों को प्रिमियम राशि का 40 प्रतिशत वन टाइम इंटेंसिव के रूप में प्रोत्साहन राशि भुगतान का प्रावधान है. योजना के तहत वन टाइम इंटेंसिव की अधिकतम सीमा 1 लाख रूपये है, छोटे किसानों को यह लाभ प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिया जायेगा. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिलाओं के लिए अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि अर्थात कुल 1.10 लाख दिया जायेगा.

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