Ranchi: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन बुधवार को झारखंड मंत्रालय में आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए राज्य में विधि व्यवस्था संधारण की उच्चस्तरीय समीक्षा की. मौके पर मुख्यमंत्री ने वरीय पुलिस अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. बैठक में मुख्य सचिव अलका तिवारी, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी अनुराग गुप्ता, आईजी विशेष शाखा प्रभात कुमार, आईजी अभियान ए वी होमकर, आईजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज, आईजी मुख्यालय मनोज कौशिक सहित अन्य वरीय पुलिस अधिकारी उपस्थित थे.
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि होली, सरहुल, ईद, रामनवमी इत्यादि त्योहारों के मद्देनजर राज्य में बेहतर विधि व्यवस्था का संधारण हर हाल में सुनिश्चित करें. पर्व-त्योहारों का उत्सव अपराधमुक्त वातावरण में आपसी प्रेम-सौहार्द के साथ मनाया जाना चाहिए. राज्य के किसी भी क्षेत्र में किसी भी प्रकार से कोई छोटी-मोटी अप्रिय घटना, सांप्रदायिक तनाव अथवा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इस निमित्त पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ अलर्ट मोड पर रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सांप्रदायिक तनाव अथवा विवाद की संभावनाएं रहती है, उन क्षेत्रों में विशेष चौकसी बरती जाए.

शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में शांति समिति के साथ निरंतर बैठक कर समन्वय स्थापित करें. भीड़-भाड़ वाले जगहों, धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती करें तथा शरारती तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पर्व-त्योहारों के समय सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखें. अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें. बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष डीजीपी अनुराग गुप्ता ने अपराध नियंत्रण को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी दी.

आगामी पर्व-त्योहार के मद्देनजर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा दिए गए निर्देश

आगामी पर्व-त्योहार (होली, ईद, रामनवमी, सरहुल) के मद्देनजर अपेक्षित निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

विधि-व्यवस्था संधारण हेतु दण्डाधिकारी, बलों की उपलब्धता एवं प्रतिनियुक्ति करें.

धार्मिक स्थलों के आस-पास की सुरक्षात्मक कार्रवाई एवं सीसीटीवी का अधिष्ठापन तथा इलेक्ट्रोनिक सर्विलास की व्यवस्था की जाए.

जुलूस मार्गो का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें.

जुलूस मार्गों में पड़ने वाले संवेदनशील स्थानों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों में दण्डाधिकारी बलों की प्रतिनियुक्ति तथा विडियोग्राफी, ड्रोन द्वारा एरियल सर्विलांस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

जुलूस के साथ दण्डाधिकारी, बलों की प्रतिनियुक्ति एवं QRTS इत्यादि की व्यवस्था की जाए.

जुलूस मार्गों में लगातार प्रकाश, पब्लिक संबोधन सिस्टम की व्यवस्था की जाए.

संयुक्त नियंत्रण कक्ष तथा आपातकालीन योजना सुनिश्चित की जाए.

जिला स्तरीय थाना द्वारा स्तरीय शांति समिति की बैठक की जाए.

जिलों में दंगा रोधी सुरक्षा उपकरणों, दंगा रोधी वाहन, वॉटर केनन की उपलब्धता का सत्यापन एवं एंटी रॉयट कन्ट्रोल ड्रील की व्यवस्था की जाए.

अवैध मादक पदार्थों, शराब के विरूद्ध छापामारी की जाए.

डीजे अन्य साउण्ड सिस्टम द्वारा उत्तेजक भडकाउ गानों के प्रसारण पर रोक के लिए अपेक्षित कार्रवाई की जाए.

सुरक्षा बलों के लिए भोजन, आवासन, पानी आदि की व्यवस्था की जाए.

पर्व-त्योहार के दौरान आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था की उपलब्धता रहे.

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