Patna: बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राशन कार्ड निर्माण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. विभाग द्वारा सभी जिलों में कैंप मोड में राशन कार्ड निर्माण का कार्य तेजी से किया जा रहा है. इस अभियान का उद्देश्य विशेष रूप से अनुसूचित जाति, जनजाति, महादलित परिवारों और अन्य योग्य लाभार्थियों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना है. विभाग के इस प्रयास के परिणामस्वरूप 1 अप्रैल 2025 से 30 जून 2025 तक तीन महीनों में 3,74,757 नए राशन कार्ड बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से 13,76,276 नए लाभुकों को इस योजना से जोड़ा गया है.
विभाग द्वारा डॉ. अंबेडकर समग्र सेवा अभियान और महिला संवाद जैसे कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त राशन कार्ड आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है. इन कार्यक्रमों में लाभार्थियों की शिकायतों और आवेदनों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि योग्य परिवारों को समयबद्ध तरीके से राशन कार्ड उपलब्ध हो सके.

जरूरतमंद परिवारों को मिले लाभ: प्रधान सचिव

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने इस अभियान को और गति देने के लिए विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं. उन्होंने जोर दिया है कि राशन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को और सुगम और त्वरित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके.
बिहार सरकार ने राशन कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाकर इसे आम जनता के लिए और भी सुगम कर दिया है. अब योग्य लाभार्थी घर बैठे वेबसाइट https://rconline.bihar.gov.in के माध्यम से राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए वेबसाइट पर ‘न्यू यूजर साइन अप फॉर मेरी पहचान’ विकल्प उपलब्ध है. इस पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। परिवार के किसी सदस्य के नाम से फॉर्म भरने के बाद मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा होता है. इसके बाद नई आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर आवेदन पत्र भरा जा सकता है.
आवेदन प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज कर आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, परिवार का फोटो (JPG/JPEG फॉर्मेट), आवेदक के हस्ताक्षर का फोटो, और यदि लागू हो तो विकलांगता, आय या जाति प्रमाण पत्र की स्व-हस्ताक्षरित फोटोकॉपी अपलोड करनी होगी. आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थी को रेफरेंस नंबर एसएमएस के जरिए प्राप्त होगा, जिसके माध्यम से आवेदन की स्थिति को ट्रैक किया जा सकता है.
वहीं ऑफलाइन आवेदन के इच्छुक लाभार्थी अपने नजदीकी प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकते हैं. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी योग्य लाभार्थियों से इस सुविधा का लाभ उठाने और राशन कार्ड बनवाने की अपील की है.

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