Ranchi: महाराष्ट्र के कोरटी स्थित ईट-भट्ठा से हजारीबाग सेंट्रल जेल से फरार तीनो कैदी को पुलिस ने दबोच लिया है. गिरफ्तार आरोपी में धनबाद जिले के लोयाबाद थाना क्षेत्र के सेदरा नं0-10 के रहने वाले देवा भुईयाँ उर्फ देव कुमार भुईयों, जोगता थाना क्षेत्र के मोदीडीह नयाबाजार सरजुआ के रहने वाले राहुल रजवार और केन्दुआडीह थाना क्षेत्र के गोधहर के रहने वाले जितेन्द्र रवानी का नाम शामिल है.
रविवार को मामले की जानकारी देते हुए हजारीबाग एसपी ने बताया कि जेल से फिरार तीनों कैदियों के द्वारा जेल से भागने के बाद सबसे पहले सिन्दुर चौक गया सिन्दुर से टोटो पकड़कर ईचाक थाना क्षेत्र के कुरहा गाँव में देवा भुई अपने साढू के यहाँ गया. ईचाक कुरहा से पिकअप गाडी से बरकठा गया, बरकठा से बरही होते हुए कोडरमा गये, कोडरमा से लोकल ट्रेन पकडकर गया गये और गया से ट्रेन पकड़कर क्यूल होते हुए जसीडीह गये, जहाँ पर ये तीनों कैदियों के द्वारा पुना जाने वाले ट्रेन का 2 दिनों तक इंतजार करते रहे. 4 जनवरी को जसीडीह से जसीडीह पुणे एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर महाराष्ट के दौण्ड जंक्शन 6 जनवरी को सुबह 8 बजे उतर गये. दौण्ड जंक्शन बस पकडकर राशिन बस स्टैण्ड उतरे वहाँ से 12 से 15 किमी पैदल चलकर कोरटी चौक पहुँचे, जहाँ पूर्व परिचित्त ईटा भटठा मालिक से मुलाकत हुई और वहाँ ईट भटठा में मजदूरी करने लगे.
गठित टीम हजारीबाग जिला के अलावे गिरिडीह, धनबाद, कोडरमा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश एवं अनाः महाराष्ट राज्य के सोलापुर जिला के तहसील करमाला धानान्तगर्त कोरटी ईट-भटठा से उपरोक्त भागे गये 03 कैदियों को गिरफ्तार किया गया है. जहाँ से ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया.

जेल का खिडकी का सेंड काटकर फरार हुआ था तीनो

31 दिसम्बर की रात जय प्रकाश नरायण केन्द्रीय कारा से 3 कैदी जेल से भाग गया. कैदी जेल का खिडकी का सेंड काटकर बेडशीट के सहारे नीचे उतरे उसके बाद आंतरिक दीवार को फांदकर बाहरी दीवार के आंतरिक भाग से होते हुए गौशाला तक पहुँचे, यहाँ पर करीब 10 मिनट तक व्हरकर बाहरी दीवार में लोहे के हुक एवं चादर से रस्सी बनाकर तथा लकड़ी का वंदा का सहारा लेते हुए दीवार पर चढ़कर तीनों कैदी फरार हो गया. इस संबंध में लोहसिंधना थाना (काण्ड सं0-196/25) में मामला दर्ज किया गया. तीनों कैदी कमशः 20 वर्ष 27 वर्ष तथा आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे है.
घटना की सूचना मिलते ही डीसी की अध्यक्षता में एसडीपीओ, एएसपी (मुख्यालय), डीएसपी सीसीआर एवं अपने अन्य पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ घटना स्थल का जायजा लिया.

फरार कैदी की तलाश में तीन एसआईटी की टीम

चुकि जय प्रकाश नरायण केन्द्रीय कारा, हजारीबाग झारखण्ड राज्य का सबसे सुरक्षित जेल में एक जय प्रकाश नरायण केन्द्रीय कारा से 3 कैदियों के जेल से भागे जाने वाली घटना को चुनौतिपूर्ण मानते हुए हजारीबाग पुलिस के द्वारा त्वरित कार्रवाई करते सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में तीन एसआईटी टीमों का गठन किया गया. एक टीम तकनीकी शाखा के सहायोग से कार्य कर रही थी. दूसरा टीम कैदियों के भागने वाले स्थानों का Trail कर रही थी. तीसरा टीम एसपी के निर्देश के आलोक में विभिन्न जगहों पर छापामारी कर रही थी.

पोक्सो केस में सजा काट रहा था आरोपी

धनबाद जिले के कतरास थाना पुलिस ने वर्ष 2020 में पोक्सों केस में देव कुमार भुईयों को जेल भेजा गया था. जो करीब 1 वर्ष धनबाद जेल में रहा और अपने साथी अंकित रवानी के साथ जुलाई 2021 में जेलवार्ड का खिडकी काटकर चाहर दीवारी फॉदकर जेल से भाग गया था.
हजारीबाग जेल में सेक्टर 6 के वार्ड में 4 में 3 तीनों कैदी रह रहा था जो दूसरे तत्ला पर है. ये तीनों को अलग अलग पोक्सो केश में सजा हुआ था. ये तीनो लोग आपस में जेल में ही प्लान बनाये कि हमलोग को आजीवन कारावास का सजा हो गया है, अब हमलोग का जिन्दगी भर जेल में ही रहना पड़ेगा. इसलिए जेल से भागने का उपाय करना पड़ेगा. 31 दिसम्बर की रात करीब 01.30 बजे से 02.00 बजे के बीच में जब कैदी सो रहे थे तो ये तीनों खिडकी के रड को जो पहले से लगभग कट चुका था, को हाथ से हिलाकर तोड़ दिये और प्लान के अनुसार लाल रंग के बेडसीट को दो टुकड़ा में फारकर बांध लिये और खिड़की के रट में बांधकर ये तीनों बारी बारी से वार्ड से नीचे उतर गये. पहले जितेन्द्र रवानी उतरा, जसके बाद देवा भुईयों तथा अंत में राहुल रजवार नीचे उतरा. उसके बाद तीनों बेडसीट से बना रस्सीनुमा के सहारे चाहर दिवारी पर चढ़ा गये. फिर बेडसीट से बना रस्सी को चाहरदिवारी के बाहर तरफ किये तथा उसी ररसी के सहारे तीनों नीचे उतर गये. बेडसीट से बना रस्सी वहीं पर छोड़ दिये.

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