Ranchi: गाजियाबाद से पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन संदिग्ध को सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया है. आरोपी में हरियाणा के फरीदाबाद निवासी नौशाद अली उर्फ लालू, मथुरा की रहने वाली मीरा और एक नाबालिग शामिल है. पूछताछ में पकड़े गए संदिग्धों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. झारखंड का प्रसिद्ध देवघर मंदिर पकड़े गए जासूसों के निशाने पर था. आरोपी के पास से मोबाइल और अहम दस्तावेज बरामद कया गया है. बिहार के नौशाद अली को पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज टास्क दिया था. कि देवघर मंदिर का वीडियो बनाना, जीपीएस लोकेशन जुटाना और तुरंत पाकिस्तान भेजना. नौशाद इस गैंग का मुख्य हैंडलर था. जो पूर्व में पकड़े गए सुहेल मलिक की तरह काम करता था.
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया पर एक विशेष ऐप के जरिए पाकिस्तान से जुड़े थे. सरफराज ने खुद ट्रेनिंग दी थी. नौशाद ने मीरा नामक महिला से इसी नेटवर्क के जरिए संपर्क किया, जो अवैध हथियार तस्करी से भी जुड़ी है. सुहेल मलिक, नौशाद अली और समीर तीनों मिलकर अलग-अलग इलाकों में संवेदनशील स्थानों की जानकारी जुटाते थे. मीरा के फोन में 100 से ज्यादा लोकेशन के वीडियो-फोटो मिले हैं. नौशाद ने दिल्ली कैंट इलाके में घुसकर वहां की गतिविधियों की रेकी की और वीडियो भेजे. एक बड़े उद्योगपति के घर की भी रेकी करने की बात कबूल की.
पाकिस्तान में बैठा मास्टरमाइंड सरफराज जासूसों को पंजाब रूट से हवाला के जरिए पैसे भेजता था. आरोपियों के बताए दुकानों, करीबियों व मनी ट्रांसफर सेंटर्स की जांच कर रही है. यह पूरा नेटवर्क सोशल मीडिया पर युवाओं को लुभाकर बनाया गया था, तकनीकी दक्ष लोगों को शामिल किया जाता था.
