Patna: ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हाईलेवल समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया. बैठक में बीएसपीएचसीएल सहित उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के कार्यक्षेत्र, संचालन व्यवस्था तथा विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई. समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्ध निष्पादन, प्रणाली की विश्वसनीयता एवं विद्युत उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवाओं से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. ऊर्जा सचिव द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कार्य में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं दक्षता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया. बैठक में नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड एवं बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार (भा.प्र.से.) सहित सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे.

ऊर्जा सचिव ने सभी ग्रिड उपकेंद्रों एवं शक्ति उपकेंद्रों के अनुरक्षण को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने मुख्यालय द्वारा जारी चेकलिस्ट के आधार पर नियमित मॉनिटरिंग करने, उपकरणों की समय-समय पर जांच करने तथा मानवबल की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कर्मियों द्वारा आवश्यक सेफ्टी गियर के अनिवार्य उपयोग के निर्देश भी दिए. गर्मी के मौसम में विद्युत मांग की संभावित बढ़ोतरी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने 31 मार्च तक सभी डीटीआर, फीडर एवं अन्य विद्युत संरचनाओं के मेंटेनेंस एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. विद्युत उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित एवं ससमय समाधान को सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि बिजली बिल पर संबंधित क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए, जिससे किसी भी विद्युत संबंधी समस्या की स्थिति में उपभोक्ता सीधे संबंधित पदाधिकारी से संपर्क कर सकें. इसके अतिरिक्त, मुख्यालय स्तर पर एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने के भी निर्देश दिए गए, जिस पर सभी विद्युत अंचलों द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतें अपलोड की जाएंगी तथा उनके निष्पादन की वर्तमान स्थिति नियमित रूप से अपडेट की जाएगी. पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही उपभोक्ता को एक यूनिक आईडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके माध्यम से वे रियल टाइम अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रण एवं राजस्व संग्रहण बढ़ाने के उद्देश्य से ऊर्जा सचिव ने सभी प्रमंडलों को स्मार्ट मीटर से प्राप्त डेटा का गहन विश्लेषण कर ठोस रणनीति तैयार करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दोनों डिस्कॉम कंपनियों को विद्युत वितरण के दौरान होने वाले तकनीकी नुकसान को कम करने पर विशेष फोकस के साथ कार्य करने को कहा गया.

बैठक में तकनीकी रूप से निरंतर विकसित हो रहे विद्युत क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल मानवबल तैयार करने पर भी जोर दिया गया. इस क्रम में ऊर्जा सचिव द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियमित प्रशिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग से सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार किया जा सके.

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