Patna: भवन निर्माण विभाग की ओर से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राज्य में आवासीय विद्यालय एवं राजकीय छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है. इनमें 720 आसन वाले 36 डॉ. भीम राव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय के अलावा भोजपुर एवं समस्तीपुर में 480 क्षमता का आवासीय विद्यालय तथा 55 से अधिक संख्या में 100 क्षमता वाले राजकीय छात्रावास का निर्माण कराना शामिल है. इस मामले में भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि का कहना है कि सरकार उदेश्य एससी-एसटी समुदाय के बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के साथ ही आवासन, खेल, भोजन समेत समग्र विकास से संबंधित तमाम सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी.

इसके अतिरिक्त विभाग की तरफ से विभिन्न जिलों में आवासीय विद्यालय का मरम्मती का कार्य भी किया जा रहा है. साथ ही पटना में  जी प्लस 3 अनुसूचित जनजाति रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाना है. दरभंगा, नवादा, औरंगाबाद, पूर्णिया, गयाजी, जहानाबाद, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पटना, समस्तीपुर, सुपौल, बेगूसराय, गोपालगंज सहित अन्य जिलों में डॉ. भीम राव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है. विद्यालयों का निर्माण कार्य विभिन्न स्तर पर प्रगति पर है, जिन्हें तेजी से पूर्ण किया जा रहा है.       इस संबंध में विभाग के सचिव कुमार रवि ने बताया कि मिशन मोड में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है. कई भवनों का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है. जिन जगहों पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, कार्यपालक अभियंताओं को कार्य जल्द शुरू करने के लिए निदेशित किया गया है. गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए पदाधिकारी लगातार स्थल निरीक्षण कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि विद्यालयों में छात्र/छात्राओं के पठन-पाठन के साथ ही सभी सुविधाओं के साथ छात्रावास की भी व्यवस्था रहेगी. शैक्षणिक एवं अन्य कर्मचारियों के लिए भी आवासन की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. विद्यार्थियों को आवास, भोजन, पुस्तकें, खेल सुविधाएं समेत समग्र विकास का पूरा माहौल मिलेगा.

काराकाट, कोचस, दरियापुर, समस्तीपुर,  आलमनगर सहित अन्य जगहों पर 100 आसान वाले छात्रावास का निर्माण फिनिशिंग स्टेज में है. इसके अलावा कुछ जगहों पर 100 आसन वाले साबित्रीबाई फूले बालिका छात्रावास का भी निर्माण किया जा रहा है. बक्सर में बालिका छात्रावास का निर्माण लगभग पूर्ण कर लिया गया है.

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