Ranchi: राजधानी रांची के डोरंडा थाना क्षेत्र में मर्सिडीज मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता मनोज टंडन के विरुद्ध किसी भी प्रसाक की जांच पर रोक लगा दिया है. झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने गुरुवार को मामले की सुनवाई की. साथ ही हाईकोर्ट ने खुद को पीड़ित बताने वाले युवक मोवाज खान के द्वारा सोशल मीडिया पर उन्मादी पोस्ट लिख कर जारी करने को गंभीरता से लिया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, केंद्र सरकार के साथ साथ सीबीआई को नोटिस जारी किया है. हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि युवक के प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से संपर्क एवं क्रियाकलापों की जांच कर शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करें. इस मामले की विस्तृत सुनवाई के लिए 24 मार्च का समय निर्धारित किया है. हाईकोर्ट के इस आदेश से अधिवक्ता मनोज टंडन को बड़ी राहत मिली है. वहीं अधिवक्ता मनोज टंडन ने अपनी याचिका में न्यायालय से यह मांग की है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर निरस्त किया जाए एवं उनकी गाड़ी छोड़ी जाए. और वीडियो बनाने वाले उन्मादी भीड़ जो उनके जान पर उतारू थी उसकी जांच हो.

बता दे कि बीते मंगलवार सुबह करीब 10:15 बजे डोरंडा देवेंद्र मांझी चौक के पास मर्सिडीज कार और बुलेट बाइक के बीच टक्कर हुई थी. कार चला रहे मनोज टंडन हाईकोर्ट जा रहे थे, जबकि बाइक पर हिंदपीढ़ी निवासी युवक मोबाज खान सवार था. घटना का वीडियो मोबाज खान द्वारा बनाए जाने और सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ लिया. मनोज टंडन का कहना है कि बाइक सवार ने ओवरटेक किया और कार के बाएं अगले हिस्से से बाइक सट गई. उन्होंने आरोप लगाया कि युवक ने पैसे की मांग की, कार के सामने आकर खड़ा हो गया और बोनट पर चढ़ गया. स्थिति तनावपूर्ण होने पर उन्होंने सुरक्षा कारणों से वाहन आगे बढ़ाया. बाद में पुलिस ने उन्हें थाने ले जाकर सुरक्षा प्रदान की. देर रात दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के विरुद्ध डोरंडा थाना में मामला दर्ज कराया.

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