Patna: राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी की अध्यक्षता में आठ मई को पटना में आयोजित राज्य स्तरीय अपर समाहर्त्ताओं, भूमि सुधार उप समाहर्त्ताओं, अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षात्मक बैठक में अभियान बसेरा-2 की समीक्षा के क्रम में गलत जानकारी देने पर बगहा – दो अंचल के अंचल अधिकारी एवं जगदीशपुर अंचल के राजस्व अधिकारी को निलंबित किया गया है. अभियान बसेरा-2 की समीक्षा के क्रम में बगहा 2 के तहत सर्वेक्षित 1912 सुयोग्य श्रेणी के वासभूमि रहित परिवारों में से 1709 को अयोग्य घोषित किये जाने के संबंध में पश्चिम चम्पारण बगहा-02 के सीओ निखिल द्वारा बताया गया कि राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन के आधार पर अधिकांशतः को अयोग्य घोषित किया गया है. उनके द्वारा राजस्व कर्मचारी के प्रतिवेदन को सत्यापित किया जाना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया. कतिपय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के आवेदनों पर भी यह अंकित कर अयोग्य घोषित किया गया है कि आवेदक सुयोग्य श्रेणी के नहीं है. जो परस्पर विरोधाभासी है. निखिल द्वारा इस संबंध में किसी तरह की जाँच न कर केवल कर्मचारी के प्रतिवेदन के आधार पर अयोग्य घोषित किया गया है.
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि निखिल द्वारा अभियान बसेरा जैसे राज्य सरकार की अतिमहत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी योजना के प्रति उदासीनता, शिथिलता एवं लापरवाही बरती गई है. तथा गलत एवं भ्रामक सूचना से विभाग को दिगभ्रमित करने का प्रयास किया गया है. शिथिलता एवं लापरवाही भ्रामक जानकारी देने के आरोपी में निखिल को निलंबित कर दिया गया है.
वहीं भागलपुर के जगदीशपुर अंचल के तहत सर्वेक्षित 764 सुयोग्य श्रेणी के वासभूमि रहित परिवारों में से 689 को अयोग्य घोषित किये जाने के संबंध में भागलपुर जिले के जगदीशपुर के राजस्व कर्मचारी नागेन्द्र कुमार द्वारा बताया गया कि अधिकांशतः अयोग्य घोषित किये गये मामले नगर क्षेत्र से संबधित हैं. जबकि विभागीय पोर्टल के अनुसार उपरोक्त मामले ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित पाये गये हैं.
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री कुमार द्वारा भी अभियान बसेरा-2.0 में शिथिलता एवं लापरवाही बरती गई है तथा गलत एवं भ्रामक सूचना से विभाग को दिगभ्रमित करने का प्रयास किया गया है. यह समाज के वंचित वर्ग के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है. नागेन्द्र कुमार को भी निलंबित कर दिया गया है.
मंत्री संजय सरावगी द्वारा कहा गया कि समाज के वंचित वर्गों के प्रति उदासीनता के लिए कठोरतम दण्ड दिया जाएगा.
अपर मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि वे अयोग्य ठहराए गए लाभान्वितों की जांच वरीय पदाधिकारियों से शीघ्र करायें और उन्हें शीघ्रताशीघ्र आवास भूमि आवंटित करें.

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