Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को संजय गांधी जैविक उद्यान का भ्रमण किया. मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों तथा पक्षियों को देखा और उनके स्वास्थ्य-सुविधाओं, कार्यकलापों तथा पर्यावरण संरक्षण की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने वन्य जीवों की देखभाल अच्छे ढंग से करने और उनकी सुविधाओं का ठीक से ख्याल रखने का निर्देश दिया. संजय गांधी जैविक उद्यान में बड़ी संख्या में कराये गये वृक्षारोपण पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जाहिर की. यहां भ्रमण करनेवाले बच्चों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश देते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां स्कूली छात्र-छात्राओं का अधिक से अधिक भ्रमण करायें ताकि वे वन्य जीवों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक हो सकें. यहां टॉय ट्रेन जल्द से जल्द शुरू करायें. हमने संजय गांधी जैविक उद्यान का कई बार भ्रमण किया है तथा यहां कई सारी सुविधाएँ विकसित की गयी हैं. संजय गांधी जैविक उद्यान के बेहतर विकास के लिए मास्टर प्लान बनाया गया है, उस पर तेजी से कार्य करें.
मुख्यमंत्री ने जू भ्रमण के दौरान जेब्रा के नवजात बच्चे का नाम ‘समृद्धि’ रखा. हाल में ही पटना जू में अफ्रीका के देशों में पाये जाने वाले महत्वपूर्ण वन्य जीव जेब्रा के बच्चे का जन्म हुआ है. लगभग 17 वर्षों के बाद जेब्रा के बच्चे का जन्म होना राज्य सरकार के द्वारा वन्य जीवों के बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए किये जा रहे प्रयासों का फल है.
पटना जू में 1122 वन्य जीव का है बसेरा
संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना चिड़ियाघर) पूरे देश का एक महत्वपूर्ण जैविक उद्यान और चिडियाघर है जो पटना के नेहरू पथ पर अवस्थित है. इसका कुल क्षेत्रफल 153 एकड़ है. यह स्थान वन्य जीव संरक्षण, शोध तथा शिक्षण का केन्द्र है जहाँ बच्चे एवं आगंतुक वन्य जीव व्यवहार तथा विभिन्न प्रकार के पौधों, जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी हासिल करते हैं. बडी सख्या में प्रतिदिन लोग यहीं भ्रमण के लिए आते हैं. एक वर्ष में लगभग 23 लाख से अधिक पर्यटक पटना जू में घूमने आते हैं जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक रहती है. पटना जू में 93 से अधिक प्रजातियों के 1122 वन्य जीव रहते हैं जिनमें गैंडा, घड़ियाल, जिराफ, जेबरा, बाघ, हिरण, बंदर आदि शामिल हैं. वर्तमान में पटना जू में 10 गैंडा, 200 से अधिक घडियाल एवं 6 जिराफ भी उपलब्ध है. पटना जू में बोटैनिकल गार्डन, मछलीघर, झील में नौकायान, प्रेक्षागृह आदि भी उपलब्ध है जो स्कूली बच्चों एवं बच्चियों के बीच काफी लोकप्रिय है. पटना जू को देश का सबसे अच्छा जू माना जाता है जिसके 80 प्रतिशत से अधिक भाग में पेड-पौधे लगाये गये हैं.
यहाँ सुबह घूमने आने वाले लोगों के लिए नया रास्ता बनाया गया है. गैंडा, घड़ियाल तथा जिराफ के बच्चों के जन्म के समय से ही ध्यान रखने के लिए बेहतर सुविधाएँ विकसित की गयी हैं. हाल में ही राज्य कैबिनेट से पटना जू के बेहतर प्रबंधन के लिए सोसायटी का भी गठन किया गया है.
