Patna: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को मीठापुर स्थित कृषि भवन में कृषि विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया. कार्यक्रम में 315 नवनियुक्त प्रखंड उद्यान पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया. साथ ही कृषि विभाग की कई योजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण और शुभारंभ किया. चतुर्थ कृषि रोड मैप के तहत कृषि को लाभकारी बनाने के लिए राज्य में बागवानी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं. इन योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुँचाने के उद्देश्य से बिहार लोक सेवा आयोग से अनुशंसित 315 प्रखंड उद्यान पदाधिकारियों की नियुक्ति कृषि विभाग के द्वारा की गयी है.
भोजपुर में कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय के निर्माण का कार्य का शुभारंभ
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 144.72 करोड़ रुपये की लागत से रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर भोजपुर के आरा कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया. तृतीय कृषि रोड मैप (2017-22) के तहत कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को सुदृढ़ करने के लिए आरा में कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय की स्थापना की गयी है. वर्ष 2021-22 से इसका संचालन बक्सर कृषि महाविद्यालय के परिसर में किया जा रहा है. इसके लिए भोजपुर जिला में 16 एकड़ जमीन चिन्हित कर 144.72 करोड़ रूपये की लागत से भवन निर्माण विभाग के द्वारा भवन का निर्माण किया जायेगा. इसमें प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, पुस्तकालय, छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, कृषि यंत्रों के लिए कार्यशाला एवं आवासीय परिसर का प्रावधान किया गया है. इस महाविद्यालय में बी०टेक० (एग्री इजीनियरिंग) में प्रत्येक वर्ष 60 छात्रों का नामांकन किया जायेगा. भोजपुर के हसनपुर में स्थापित हो रहे कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय का उद्देश्य है कि युवाओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कृषि अभियंत्रण की उच्च शिक्षा मिल सके. यह संस्थान न केवल शिक्षण का केंद्र बनेगा, बल्कि यहाँ कृषि अनुसंधान, प्रशिक्षण और प्रसार गतिविधियाँ भी संचालित की जाएँगी. इस महाविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों, पोस्ट-हॉर्वेस्ट मैनेजमेंट, संरक्षित खेती और फसल अवशेष प्रबंधन जैसे विषयों में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा. यह महाविद्यालय हमारी नई पीढ़ी को रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध कराएगा.
62 अनुमंडलीय कृषि भवनों का शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर 55.26 करोड़ रुपये लागत की 62 अनुमंडल स्तरीय कृषि भवनों का शिलान्यास किया. इसके निर्माण से अनुमंडल स्तर पर कृषि से जुड़ी सभी सेवाएं उपलब्ध हो जाएगी. इस भवन में किसानों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से सभी कृषि संबंधी सेवाएँ, योजनाएँ, तकनीकी सलाह और सरकारी सहायता एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी. साथ ही यह भवन किसानों और सरकार के बीच बेहतर संवाद का माध्यम बनेगा, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग द्वारा राज्य के किसानों को कृषि विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ‘बिहार कृषि’ मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया. इसके माध्यम से कृषि संबंधी सभी जानकारी- किसान पास बुक, पौधा संरक्षण, फसलों के बाजार मूल्य, मिट्टी की जाँच, मौसम की जानकारी एवं विभाग से संबंधित नवीनतम जानकारी किसानों को उपलब्ध होगी.
खरीफ अभियान का शुभारम्भ, 20 प्रचार वाहन को किया रवाना
कृषि भवन परिसर से मुख्यमंत्री ने खरीफ महाभियान-2025 का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने खरीफ महाभियान-2025 से संबंधित 20 प्रचार वाहन तथा बीज वाहन को हरी झंडी दिखाकर जिलों के लिए रवाना किया. यह प्रचार वाहन के तहत किसानों को खरीफ मौसम से संबंधित सभी योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया जाएगा. इन वाहनों से ऑडियो, वीडियो माध्यम के द्वारा किसानों को जागरूक किया जायेगा. साथ ही मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक से सुसज्जित एलईडी प्रचार वाहन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह प्रचार वाहन राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर किसानों को खेती से संबंधित नवीनतम जानकारियां, योजनाएं और तकनीकी मार्गदर्शन देगा.
मुख्यमंत्री ने कृषि भवन के विभिन्न भागों का भी निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कृषि कॉल सेंटर जाकर वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली. मुख्यमंत्री कृषि भवन की छत पर भी गए और वहां से पूरे परिसर को देखा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि छत पर सोलर प्लेट लगाएं जिससे सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा और कृषि भवन की जरूरतें पूरी होंगी. कृषि भवन परिसर को व्यवस्थित, साफ-सुथरा एवं पर्यावरण के दृष्टिकोण से अनुकूल बनाए रखें. उन्होंने कहा कि हमलोग शुरू से किसानों के हित में काम कर रहे हैं. चार कृषि रोड मैप बनाए गए हैं जिससे फसलों की उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है. कृषि क्षेत्र के विकास के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं. हमलोगों का उद्देश्य है कि कृषि के क्षेत्र में भी राज्य की तरक्की हो और किसान समृद्ध बने. कृषि क्षेत्र को लाभकारी बनाने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.
