Ranchi: स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफ़ान अंसारी ने गुरुवार को आईपीएच सभागार से फाइलेरिया रोधी दवा खाकर फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मास ड्रग अभियान की शुरुआत की. इस मौक़े पर उन्होंने  कहा कि कोई भी अभियान छोटा नहीं होता है. अभियान, कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया जाता है कि यह अभियान आपके स्वास्थ्य के लिए ही है, आपको जागरूक करने के लिए है. बिना आपके सहयोग से हम कार्यक्रम को सफल नहीं बना सकते हैं, इसलिए आप दवा जरूर खायें. इसमें कोई नुकसान नहीं है बल्कि, यदि आपके अंदर फाइलेरिया के जीवाणु हैं, तो वो मर जाएँगे. डॉ इरफान अंसारी आईपीएच सभागार नामकुम में आयोजित राज्य स्तरीय अंतर विभागीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर डॉ इरफान अंसारी ने 14 जिलों के लिए प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.

फाइलेरिया मुक्त झारखंड बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के बढ़ते कदम

डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड को 2029 तक फाइलेरिया मुक्त राज्य बनाने का हमारा लक्ष्य है और इस दिशा में हम आगे बढ़ चुके हैं. खूंटी जिला को हमने फाइलेरिया मुक्त बनाने में सफलता पाई है. अगस्त 2025 में राज्य के 9 जिलों में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया गया था और अब 2026 में 10 फ़रवरी से 26 फ़रवरी तक यह अभियान राज्य के 14 जिलों ( रांची, गुमला, गिरिडीह, बोकारो, साहिबगंज, पाकुड़, देवघर, पूर्वी सिंहभूम, कोडरमा, रामगढ़, सिमडेगा, धनबाद और लोहरदगा) में चलाया जाएगा. जहाँ 10 फ़रवरी को बूथ में और फिर 11  फ़रवरी से 26 फ़रवरी तक घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई जाएगी.

फाइलेरिया उन्मूलन में सभी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें

डॉ इरफान अंसारी ने जन वितरण प्रणाली की दुकानों से भी फाइलेरिया दवा देने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को ईमानदारी से अपनी भूमिका निभानी होगी. साहिया, जेएसएलपीएस की बहनें, एएनएम, सीएचओ सभी के सहयोग और समर्थन की आवश्यकता है तभी हम इस बीमारी से निजात पा सकेंगे.

स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार हो रहे बेहतर कार्य

डॉ इरफ़ान अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में झारखंड को देश के अग्रिणी राज्यों की श्रेणी में पहले पायदान पर लाने की दिशा में सभी प्रयास किए जा रहे है. राज्य के सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. रिम्स-2 को बनाने की दिशा में काम जारी है. किडनी ट्रांसप्लांट हॉस्पिटल की भी शुरुआत जल्द ही होगी.

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जरूरी है कि सभी लोगों द्वारा दवा का सेवन

अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने कहा कि जब तक सभी ऐक्टिव होकर इस अभियान में नहीं लगेंगे तब तक यह कार्यक्रम सफल नहीं होगा. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जरूरी है कि सभी लोग दवा खाएँ. हमलोग फाइलेरिया मुक्त झारखंड के लक्ष्य को पाने की दिशा में प्रयासरत है और जिस तरह पोलियो मुक्त झारखंड बनने में सफलता पाई है उसी प्रकार हमलोगों फाइलेरिया मुक्त झारखंड बनाने में सफल होंगे. निदेशक प्रमुख डॉ सिद्धार्थ सागर ने कहा कि हमने फ़ाइलेरिया के उन्मूलन में बेहतर काम किया है. आगे भी बेहतर करने के लिए सभी का सहयोग जरूरी है ।दवा का सेवन सभी कोई करें कोई भी समुदाय इससे ना छूटे इसे सुनिश्चित किया जाएगा. शाज्ञा सिंह ,स्टेट को-ऑर्डिनेटर ने फाइलेरिया रोग के बारे में विस्तार से बताया. कहा कि कैसे हमलोग फाइलेरिया से बच सकते हैं. फाइलेरिया किसी को ना हो इसके लिए सभी लोगों को पूरे जनसमुदाय को एक साथ फाइलेरिया की दवा खिलानी है. जिससे फ़ाइलेरिया के कीड़े सभी में एक साथ मार जाए. इससे यह होगा कि एक साथ खाने से किसी के शरीर में फाइलेरिया के कीड़े नहीं होंगे तो सभी सुरक्षित रहेंगे. सभी स्वास्थ्य लोगों को सिर्फ कुछ लोगों को छोड़कर ये दवा खानी है.

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए जिला परिषद अध्यक्ष,जिला प्रमुख, मुखिया आदि ने अपने -अपने विचार रखे ,सुझाव दिए कि किस प्रकार हमारा झारखंड फाइलेरिया मुक्त बन सकता है. और इस दिशा में हमलोग क्या क्या सहयोग कर सकते हैं. इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी, स्वास्थ्य कर्मी, विभिन्न जिलों से आयें मुखिया, प्रमुख, सहिया एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे.

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